मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण तथा जिला मिशन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में भूमि और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उनके समयबद्ध व प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
इस दौरान वर्ष 2025-26 में हुए कार्यों के साथ-साथ वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित भूमि संरक्षण परियोजनाओं और पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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समय-सीमा और गुणवत्ता: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी या किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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योजनाओं का लाभ: योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
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प्रमुख योजनाएं: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ (अदर इंटरवेंशन) के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, खेत तालाब योजना और मनरेगा (वित्तीय वर्ष 2026-27) की चयनित परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और भूमि संरक्षण विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शुचि पाण्डेय (गोंडा ब्यूरो )
