यातायात पुलिस ने शहर में ट्रैफिक जाम कम करने, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जनसहभागिता की पहल शुरू की है। इसके तहत आम नागरिकों से यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और उनके संभावित समाधान को लेकर सुझाव मांगे गए हैं।
यातायात पुलिस का मानना है कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय नागरिकों के अनुभव और सुझाव काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसी उद्देश्य से यातायात पुलिस चौकियों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को समझने और उनका व्यावहारिक समाधान तलाशने के साथ-साथ विभागों की तकनीकी विशेषज्ञता का भी सहयोग लिया जाएगा।
जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़े सुझाव मांगे
अभियान के तहत नागरिकों से ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर सुझाव मांगे गए हैं। विशेष रूप से ऐसे स्थानों की जानकारी देने को कहा गया है, जहां नियमित रूप से जाम लगता है या सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं।
चौराहों पर बार-बार लगने वाला जाम, असुरक्षित यू-टर्न, पैदल यात्रियों को होने वाली परेशानी, स्कूलों के आसपास यातायात की अव्यवस्था और पार्किंग से संबंधित समस्याओं जैसे मुद्दों पर नागरिक अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
सुझावों की तकनीकी जांच के बाद होगा अमल
यातायात पुलिस के अनुसार आम लोगों से प्राप्त सुझावों को सीधे लागू करने के बजाय उनकी तकनीकी और व्यावहारिक जांच की जाएगी। विभागीय समन्वय और विशेषज्ञों की राय के बाद उपयोगी सुझावों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि कई बार स्थानीय लोग किसी स्थान की ऐसी समस्या को बेहतर तरीके से पहचानते हैं, जो सामान्य निरीक्षण में सामने नहीं आ पाती। इसलिए नागरिकों के अनुभवों को यातायात सुधार की योजनाओं में शामिल करने से अधिक प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
सुझाव भेजने के लिए विशेषज्ञ होना जरूरी नहीं
यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने वाले व्यक्ति का तकनीकी विशेषज्ञ होना आवश्यक नहीं है। नागरिक अपने क्षेत्र में सामने आने वाली समस्या और उसके संभावित समाधान के बारे में सामान्य भाषा में भी जानकारी दे सकते हैं।
प्राप्त सुझावों को यातायात पुलिस की ओर से क्यूआर कोड या ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। सुझाव देने वालों से संबंधित स्थान का नाम, समस्या की जानकारी, कम से कम एक फोटो और जरूरत पड़ने पर संपर्क संबंधी विवरण साझा करने को कहा गया है।
इन लोगों से भी मांगी गई भागीदारी
यातायात पुलिस ने नागरिकों के साथ-साथ कल्याण संघों, व्यापार मंडलों, शिक्षण संस्थानों, परिवहन संगठनों और सड़क सुरक्षा से जुड़े संस्थानों से भी इस पहल में भाग लेने की अपील की है। विभाग का उद्देश्य इन सभी पक्षों के अनुभव और सुझावों को एकत्र कर लखनऊ की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है।
यातायात पुलिस का संदेश है कि शहर की सड़कों पर रोजाना होने वाली समस्याओं को सबसे करीब से देखने वाले नागरिक ही उनके व्यावहारिक समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए लोग अपने क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या, जाम वाले स्थान या सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की जानकारी साझा करें, ताकि सुझावों की जांच के बाद आवश्यक सुधार किए जा सकें।
