Close Menu
News Drift Media
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
News Drift Media
E - Papers
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
News Drift Media
Home»सोशल»EPFO में अब 25 हजार रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी भी जुड़ेंगे
सोशल

EPFO में अब 25 हजार रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी भी जुड़ेंगे

NDMBy NDMSeptember 17, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Follow Us
Google News Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube WhatsApp Telegram
EPFO में अब 25 हजार रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी भी जुड़ेंगे
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत कर्मचारियों के लिए लागू न्यूनतम वेतन सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ने के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन सीमा में बढ़ोतरी की गई है। सितंबर 2014 में यह सीमा 15 हजार रुपये प्रतिमाह तय की गई थी। बीते 12 वर्षों में वेतन, न्यूनतम मजदूरी और जीवन-यापन की लागत में हुए बदलाव को देखते हुए अब इस सीमा को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।

11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

नई वेतन सीमा लागू होने से सरकार पर हर साल लगभग 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार, इस फैसले से एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

अब तक जिन कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से अधिक था, वे अनिवार्य रूप से EPFO के दायरे में नहीं आते थे। नई व्यवस्था में 25 हजार रुपये तक की वेतन सीमा वाले कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाने का रास्ता खुल गया है।

कर्मचारी और नियोक्ता—दोनों का योगदान बढ़ेगा

वेतन सीमा बढ़ने का असर EPFO में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों के योगदान पर पड़ेगा।

यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 15 हजार रुपये है, तो वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से EPF में योगदान अलग-अलग होता है। नई सीमा के तहत यदि कर्मचारी का मूल वेतन 25 हजार रुपये तक है, तो EPF में योगदान भी इसी आधार पर बढ़ सकता है।

उदाहरण के तौर पर 15 हजार रुपये के मूल वेतन पर कर्मचारी और नियोक्ता का अनुमानित EPF योगदान 1,800-1,800 रुपये है। वहीं 25 हजार रुपये के मूल वेतन पर यह योगदान बढ़कर लगभग 3,000-3,000 रुपये हो सकता है।

इससे कर्मचारी की सेवानिवृत्ति बचत बढ़ेगी और लंबी अवधि में उसे अधिक सामाजिक सुरक्षा मिल सकती है।

EPFO से मिलते हैं तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा लाभ

EPFO केवल सेवानिवृत्ति के लिए बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को कई सामाजिक सुरक्षा लाभ भी मिलते हैं।

पहला—पेंशन, जिसके माध्यम से पात्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ मिलता है।

दूसरा—बचत, जिसके तहत कर्मचारी के वेतन से नियमित योगदान जमा होता है और उस पर निर्धारित दर से ब्याज मिलता है।

तीसरा—बीमा, जिसके तहत कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध हो सकती है।

नई वेतन सीमा के दायरे में अधिक कर्मचारियों के आने से इन सामाजिक सुरक्षा लाभों से जुड़े कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।

नए कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

सरकार के इस फैसले का असर केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। श्रम मंत्रालय के अनुसार, वेतन सीमा बढ़ाए जाने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे नए कर्मचारी भी EPFO के दायरे में आ सकते हैं, जो अभी इसके सदस्य नहीं हैं।

पहले 15 हजार रुपये तक के मूल वेतन वाले कर्मचारियों के लिए EPFO की सदस्यता अनिवार्य होने की व्यवस्था थी। अब यह सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, 25 हजार रुपये से अधिक मूल वेतन वाले कर्मचारियों के लिए EPFO सदस्यता अनिवार्य होगी या नहीं, यह संबंधित नियमों और कर्मचारी की स्थिति पर निर्भर करेगा।

कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब?

वेतन सीमा बढ़ने का सबसे सीधा असर कर्मचारियों की EPF बचत और सामाजिक सुरक्षा कवरेज पर पड़ेगा। कर्मचारी का मासिक योगदान बढ़ने से उसकी टेक-होम सैलरी में कुछ कमी हो सकती है, लेकिन दूसरी ओर उसके EPF खाते में अधिक राशि जमा होगी।

यानी अल्पकाल में कर्मचारी के हाथ में आने वाली राशि पर असर पड़ सकता है, जबकि दीर्घकाल में उसकी सेवानिवृत्ति बचत और सामाजिक सुरक्षा मजबूत हो सकती है।

सरकार का यह फैसला बढ़ती आय और जीवन-यापन की लागत के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
NDM
  • Website

Related Posts

एनपीएस सदस्यों को मिल सकती है सुनिश्चित पेंशन

September 11, 2026

बीसी सखियों को मिलेगा 5 लाख तक का कैशलेस इलाज

September 1, 2026

तमिलनाडु में महिलाओं को साल में तीन मुफ्त गैस सिलेंडर, फ्री बस यात्रा का भी ऐलान

August 24, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

© 2026 Newsdrift - All Right Reserved | Designed & Develoved By Aimsoftnet
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Refund Policy
  • Advertise with us
  • Contact us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.