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Home»राज्य»उत्तरप्रदेश»त्रेतायुग का सजीव अहसास: अयोध्या में खुला दुनिया का पहला ‘रामायण वैक्स म्यूजियम’
उत्तरप्रदेश

त्रेतायुग का सजीव अहसास: अयोध्या में खुला दुनिया का पहला ‘रामायण वैक्स म्यूजियम’

News DriftBy News DriftJune 20, 2026No Comments4 Mins Read
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त्रेतायुग का सजीव अहसास: अयोध्या में खुला दुनिया का पहला ‘रामायण वैक्स म्यूजियम’
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रामायण वैक्स म्यूजियम: भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने की दिशा में यह एक अभूतपूर्व कदम है। 14-कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित यह दो-मंजिला डिजिटल और वैक्स म्यूजियम कला, तकनीक और सनातन संस्कृति का एक अद्भुत संगम है, जो आगंतुकों को सीधे रामायण काल के वैभव में ले जाता है।

म्यूजियम की मुख्य विशेषताएं और बनावट

यह म्यूजियम केवल मोम की मूर्तियों का संग्रह नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी रामायण महाकाव्य की एक जीवंत यात्रा है।

  • मोम की जीवंत प्रतिमाएं: लगभग 10,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस पूरी तरह वातानुकूलित म्यूजियम में रामायण काल के 50 प्रमुख पात्रों की मोम की आदमकद मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इनमें भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, राजा दशरथ, ऋषि वाल्मीकि, वशिष्ठ, जटायु, सुग्रीव, विभीषण और रावण शामिल हैं।

  • साउथ इंडियन वास्तु शैली: म्यूजियम की बाहरी और आंतरिक रूपरेखा को दक्षिण भारतीय वास्तुकला की सुंदर शैली में ढाला गया है।

  • 3D लाइटिंग और विजुअल इफेक्ट्स: दृश्यों को सजीव बनाने के लिए अत्याधुनिक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइटिंग का उपयोग किया गया है। जब पर्यटक इसके गलियारों से गुजरते हैं, तो उन्हें ‘राम तारक मंत्र’ और मधुर भजनों की ध्वनि के साथ त्रेतायुग का दिव्य वातावरण महसूस होता है।

रामायण यात्रा: ग्राउंड फ्लोर से लेकर ऊपरी मंजिल तक

म्यूजियम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दर्शक क्रमानुसार पूरी रामायण को देख और समझ सकें:

1. ग्राउंड फ्लोर (शुरुआती काल)

यहाँ भगवान राम के बचपन (राम लल्ला रूप), ऋषि वशिष्ठ और वाल्मीकि के आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा, प्रसिद्ध राम-सीता स्वयंवर और फिर उनके 14 वर्ष के वनवास की यात्रा को बेहद मार्मिक ढंग से दर्शाया गया है।

2. फर्स्ट फ्लोर (उत्तरार्ध और युद्ध काल)

ऊपरी मंजिल पर पर्यटकों को माता सीता के हरण, अशोक वाटिका में बैठीं माता सीता, हनुमान जी द्वारा लंका दहन, राम-रावण का भीषण युद्ध और अंत में भव्य अश्वमेध यज्ञ जैसे महागाथा के सबसे रोमांचक अध्यायों से रूबरू कराया जाता है।

मुख्य आकर्षण: ‘बाल राम’ सेल्फी जोन

म्यूजियम में आने वाले युवाओं और बच्चों के लिए एक विशेष ‘बाल राम सेल्फी पॉइंट’ बनाया गया है। यहाँ श्रद्धालु भगवान राम के बाल स्वरूप की मनमोहक मोम की प्रतिमा के साथ तस्वीरें खिंचवा सकते हैं।

पीपीपी (PPP) मॉडल और आर्थिक ढांचा

यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है:

  • साझेदारी: यह म्यूजियम नगर निगम अयोध्या और केरल की प्रसिद्ध ‘सुनील्स वैक्स म्यूजियम’ (जिसने लोनावला और तिरुवनंतपुरम में भी वैक्स म्यूजियम बनाए हैं) के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model) के तहत विकसित किया गया है।

  • लागत: इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग ₹7 से ₹10 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसके लिए भूमि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई थी।

  • राजस्व साझाकरण: समझौते के तहत, इस म्यूजियम के टिकट और अन्य माध्यमों से होने वाली कुल कमाई का 12 प्रतिशत हिस्सा सीधे अयोध्या नगर निगम को जाएगा, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी।

सीएम योगी का विजन: वर्चुअल रियलिटी (VR) और अगला चरण

उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कलात्मक प्रयास की सराहना की और इसके विस्तार के लिए एक बड़ा सुझाव दिया। सीएम योगी ने कहा कि इसे केवल मूर्तियों तक सीमित न रखकर ‘इंटरैक्टिव’ बनाया जाए।

“म्यूजियम के अगले चरण में ऐसी तकनीक जोड़ी जानी चाहिए जिससे जब कोई दर्शक किसी प्रतिमा या दृश्य के सामने खड़ा हो, तो पृष्ठभूमि में उससे जुड़ी रामचरितमानस की चौपाइयां गूंजें और डिजिटल स्क्रीन पर उसका अर्थ भी प्रदर्शित हो।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उ.प्र.)

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के इस सुझाव को म्यूजियम के दूसरे चरण (Phase 2) में शामिल किया जाएगा, जिसमें वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट्स और ऑडियो-गाइड की व्यवस्था की जाएगी।

पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारियां

  • क्षमता: म्यूजियम के भीतर एक समय में अधिकतम 100 आगंतुकों को ही प्रवेश दिया जाता है ताकि शांति और सुरक्षा बनी रहे।

  • सुरक्षा: यह परिसर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम और 4 आपातकालीन द्वारों से सुरक्षित है।

  • अन्य सुविधाएं: परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्टूडियो कॉफी हाउस, स्नैक जोन और मनोरंजन क्षेत्र भी बनाया गया है।

निष्कर्ष

अयोध्या में ‘रामायण वैक्स म्यूजियम’ का खुलना यह साबित करता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार आधुनिकतम तकनीकों का समावेश कर रही है। राम मंदिर के दर्शन के लिए दुनिया भर से आने वाले सनातनी श्रद्धालुओं के लिए अब यह म्यूजियम अपनी संस्कृति को और करीब से महसूस करने का एक अनिवार्य केंद्र बन चुका है।

आप इस नए पर्यटन केंद्र की और अधिक झलकियाँ देखने के लिए दूरदर्शन उत्तर प्रदेश का यह वीडियो देख सकते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए उद्घाटन और इसकी भव्यता को दिखाया गया है।

दूरदर्शन वीडियो  –

अयोध्या में मोम म्यूजियम

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