उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुंदेलखंड क्षेत्र के जालौन (उरई) जिले का दौरा किया। उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आपराधिक तत्वों और परीक्षा तंत्र में सेंध लगाने वाले गिरोहों को स्पष्ट और सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तरह डकैतों और संगठित अपराधियों का सफाया कर प्रदेश में कानून का शासन स्थापित किया है, ठीक उसी तर्ज पर अब “नकल माफिया को भी मिट्टी में मिला दिया जाएगा।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जालौन, कालपी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देते हुए ₹1,274 करोड़ की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
खबर के मुख्य बिंदु :
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स्थान एवं आयोजन: इंदिरा स्टेडियम, उरई (जालौन) में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं जनसभा।
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बड़ी सौगात: ₹1,274 करोड़ की 374 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास।
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कड़ा संदेश: भू-माफिया, नशा माफिया और नकल माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई का वादा।
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विपक्ष पर प्रहार: सपा और कांग्रेस पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और बुंदेलखंड को उपेक्षित रखने का आरोप।
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बुंदेलखंड में बदलाव: डकैती और जल संकट के दौर से निकलकर उद्योग, सिंचाई और विकास की ओर बढ़ता बुंदेलखंड।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा
उरई की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार पर रहा। उन्होंने कहा:
“सरकार ने राज्य को डकैतों और संगठित अपराध से मुक्त करने का वादा पूरा किया है। अब हमारी सरकार भू-माफिया, नशा माफिया और नकल माफिया पर करारा प्रहार कर रही है। राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफिया को कतई बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें मिट्टी में मिलाने का काम किया जा रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस की सरकारों में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव था और युवाओं का भविष्य बर्बाद किया गया। इसके विपरीत, वर्तमान शासनकाल में सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता के आधार पर संचालित हो रही हैं।
उरई और बुंदेलखंड को ₹1,274 करोड़ का विकास पैकेज
मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी 374 परियोजनाओं की सौगात दी।
प्रमुख विकास पहलू:
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सिंचाई और जल प्रबंधन: बुंदेलखंड में पहले गहराते जल संकट का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि नहरों के विस्तार, हर घर जल योजना और आधुनिक जल प्रबंधन से अब किसानों को सिंचाई और पीने के पानी के लिए तरसना नहीं पड़ता।
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बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी: उरई, कालपी और मधोगढ़ क्षेत्रों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से व्यापारिक व आवागमन की गतिविधियां तेज होंगी।
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ऐतिहासिक विरासत का सम्मान: मुख्यमंत्री ने जालौन और कालपी के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए इसे महारानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे की पावन कर्मभूमि बताया।
कानून-व्यवस्था और माफिया तंत्र पर वार
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड क्षेत्र डकैती, लूट, भ्रष्टाचार और असुरक्षा के लिए जाना जाता था। पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के कारण यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़ गया था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई। माफिया तंत्र के खिलाफ चलाए गए अभियानों ने प्रदेश की छवि बदली है, जिससे अब बुंदेलखंड में उद्योग और निवेश के नए द्वार खुल रहे हैं।
