बारिश के बाद शहर की खराब सड़कों, जलभराव और अधूरे विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर निगम अपने पुनरीक्षित बजट में कई महत्वपूर्ण मदों में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने एक अक्टूबर को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इसमें पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है। बजट पारित होने के बाद सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों के निर्माण और अन्य विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
सड़कों के निर्माण के लिए महापौर और नगर आयुक्त की निधि में भी 10-10 करोड़ रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव है। पुनरीक्षित बजट में सबसे अधिक जोर सड़क निर्माण और मरम्मत पर दिया गया है।
सड़कों के बजट में बड़ी बढ़ोतरी
नई सड़कों के निर्माण के लिए पहले केवल 50 लाख रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं सड़कों के पैचवर्क, मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 27.10 करोड़ रुपये से बजट बढ़ाकर 33.10 करोड़ रुपये किया जा रहा है।
इसके अलावा पैचवर्क के लिए मूल बजट में अलग से 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत में तेजी आने की उम्मीद है।
विकास कार्यों के लिए बढ़ेगी धनराशि
नगर निगम की संपत्तियों की चारदीवारी के निर्माण के लिए बजट 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये किया जा रहा है। विकसित क्षेत्रों के विकास के लिए भी 5 करोड़ रुपये के स्थान पर 8 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
पार्कों की रंगाई-पुताई और सौंदर्यीकरण के लिए बजट 6 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। नगर निगम स्कूलों को स्मार्ट बनाने और उनकी मरम्मत के लिए भी बजट में बढ़ोतरी की जाएगी।
स्कूलों के आधुनिकीकरण पर 15 करोड़
नगर निगम के स्कूलों में स्मार्ट सुविधाएं विकसित करने और भवनों की मरम्मत के लिए बजट को 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन और स्मार्ट क्लास से जुड़े कार्यों के लिए भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने की तैयारी है।
जलभराव और पुलिया निर्माण का बजट बढ़ेगा
बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए बाढ़ पंपिंग का बजट 3.52 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। नाला क्रॉसिंग और पुलिया निर्माण के लिए पहले 30 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये किया जा रहा है। इससे जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सीएम ग्रिड योजना को भी मिलेगा बढ़ा आवंटन
विधानसभा, विधान परिषद और शासन स्तर से मिलने वाली सिफारिशों के आधार पर विकास कार्यों के लिए सड़कों का बजट 20 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। इसमें महापौर और नगर आयुक्त की निधि भी शामिल होगी।
सीएम ग्रिड योजना के तहत बनने वाली सड़कों के लिए भी बजट को 20 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये करने की तैयारी है। इससे योजना के तहत प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
