लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी योजना में आज एक और ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। सुल्तानपुर रोड स्थित इस मेगा टाउनशिप परियोजना में आज दूसरी लॉटरी आयोजित की जा रही है, जिसमें करीब 300 किसानों को 415 आवासीय प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। यह लॉटरी लैंड पूलिंग नीति के तहत उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी जमीन स्वेच्छा से एलडीए को सौंपी थी।
आईटी सिटी योजना — क्या है यह परियोजना?
एलडीए ने आईटी सिटी परियोजना के लिए पारंपरिक भूमि अधिग्रहण मॉडल की बजाय सहमति-आधारित लैंड पूलिंग नीति अपनाई है। इस मॉडल के तहत किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन विकास के लिए देते हैं और बदले में विकसित भूमि का 25 प्रतिशत हिस्सा आवासीय प्लॉट के रूप में वापस पाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मॉडल भूस्वामियों को एकमुश्त मुआवजे की बजाय भविष्य में संपत्ति की बढ़ी हुई कीमत का लाभ दिलाता है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने पुष्टि की है कि यह योजना लगभग 3,490 एकड़ (करीब 5,625 बीघा) क्षेत्र में विकसित की जा रही है। परियोजना में कुल 336 किसान शामिल हैं, जिन्हें 870 विकसित प्लॉट आवंटित किए जाने हैं।
पहली लॉटरी — मार्च 2026 में हुई थी
10 मार्च 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में पहली लॉटरी आयोजित की गई, जिसमें सेक्टर 15, 16, 17, 18 और 30 में 549 विकसित आवासीय प्लॉट किसानों और भूस्वामियों को आवंटित किए गए। इस लॉटरी में उन किसानों को प्राथमिकता दी गई जिन्होंने 31 जनवरी 2026 से पहले लैंड पूलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
पहली लॉटरी पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुई — आवेदक खुद मंच पर आकर अपनी लॉट स्लिप निकालते थे। लॉटरी एलडीए के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव-स्ट्रीम की गई थी।
आज की दूसरी लॉटरी — 300 किसानों को 415 प्लॉट
पहली लॉटरी की सफलता के बाद आज दूसरी लॉटरी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें उन करीब 300 किसानों को 415 प्लॉट दिए जाएंगे जो पहली लॉटरी की पात्रता से बाहर रहे थे या बाद में लैंड पूलिंग समझौता करने वाले भूस्वामी थे। कुल 870 प्लॉटों में से पहली लॉटरी में 549 आवंटित हो चुके हैं। आज की 415 प्लॉटों की लॉटरी के साथ यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाएगी।
योजना का विस्तार और सरकारी निवेश
राज्य सरकार ने आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर और वरुण विहार समेत प्रमुख परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास हेतु ₹1,600 करोड़ जारी किए हैं। इसके साथ ही आईटी सिटी के विस्तार के लिए 11 गाँवों में भूमि लेनदेन निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
एलडीए की अन्य प्रमुख परियोजनाएँ — लखनऊ का बदलता चेहरा
एलडीए केवल आईटी सिटी तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण के पास इस समय लखनऊ को एक आधुनिक महानगर बनाने की कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ एक साथ चल रही हैं।
1. अनंत नगर योजना — मोहन रोड पर चंडीगढ़ जैसी टाउनशिप
अनंत नगर योजना एलडीए की 785 एकड़ की प्रमुख आवासीय टाउनशिप है, जो मोहान रोड पर पियारेपुर और कलवा खेड़ा गाँवों की जमीन पर विकसित की जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹10,000 करोड़ है और इसे पूरी तरह विकसित होने पर लगभग 1.5 लाख निवासियों को आवास मिलेगा। यह एलडीए की अब तक की सबसे बड़ी सक्रिय आवासीय प्लॉट योजना है।
इस योजना में चंडीगढ़ की तर्ज पर ग्रिड लेआउट है — 18 से 45 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, भूमिगत केबलिंग, 130 एकड़ के हरित क्षेत्र और आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और मनोरंजन क्षेत्रों को मिलाकर एक स्व-निर्भर टाउनशिप मॉडल तैयार किया गया है। अब तक 3 चरणों में 1,283 से अधिक प्लॉट वितरित किए जा चुके हैं। 28 अप्रैल 2026 को चौथे चरण में 498 और प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं।
2. वेलनेस सिटी — स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर बसाया जाएगा शहर
वेलनेस सिटी एलडीए की एक अनूठी एकीकृत टाउनशिप है जो सुल्तानपुर रोड पर ही विकसित की जा रही है। अधिकांश नई टाउनशिप में पहले मकान बनते हैं और अस्पताल बाद में जोड़े जाते हैं, लेकिन वेलनेस सिटी इसे उलट देती है — यहाँ 150 एकड़ केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आरक्षित है, जिसमें एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, विपश्यना केंद्र और ध्यान केंद्र शामिल हैं।
यह परियोजना लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मात्र 15 मिनट की दूरी पर है और शहीद पथ, गोमतीनगर और किसान पथ से भी अच्छी तरह जुड़ी हुई है। यहाँ प्लॉटों का आवंटन भी उसी पारदर्शी कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से होगा जो आईटी सिटी में मार्च 2026 में सफलतापूर्वक अपनाई गई थी।
3. नैमिष नगर — बख्शी का तालाब में नया विस्तार
नैमिष नगर बख्शी का तालाब क्षेत्र में एलडीए की नई योजना है। यह योजना लखनऊ के विस्तार को शहर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों की ओर ले जाने की रणनीति का हिस्सा है।
4. पार्क व्यू अपार्टमेंट, बसंत कुंज — लखनऊ में हाई-राइज का नया दौर
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास बसंत कुंज में एलडीए ने प्रीमियम 3BHK हाई-राइज आवासीय टॉवर (16 से 20 मंजिल) की योजना लॉन्च की। पहले चरण का पंजीकरण अप्रैल 2026 में बंद हुआ और लॉटरी के जरिए आवंटन पूरा हो चुका है। प्लॉट ₹75 लाख से शुरू हुए थे।
5. उद्योग नगर और वरुण विहार
आगरा एक्सप्रेसवे के पास उद्योग नगर में 300 एकड़ का लॉजिस्टिक्स पार्क और एक विशाल आवासीय लेआउट विकसित किया जा रहा है। वरुण विहार भी एलडीए के नए विस्तार का अहम हिस्सा है।
एलडीए की कार्यशैली में बदलाव — पारदर्शिता और आधुनिकता
एलडीए अब लॉटरी-आधारित और पहले आओ-पहले पाओ (FCFS) दोनों प्रणालियाँ चलाता है। आवेदन से लेकर आवंटन पत्र डाउनलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल ldalucknow.in पर उपलब्ध है। आवेदकों को हर बड़े अपडेट पर SMS और ई-मेल अलर्ट मिलते हैं।
लखनऊ: नए भविष्य की ओर
आज की दूसरी लॉटरी केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है — यह उस दिशा का संकेत है जिसमें लखनऊ तेजी से आगे बढ़ रहा है। एलडीए की यह सोच कि किसान केवल मुआवजा पाने वाला नहीं बल्कि विकास का भागीदार बने, निश्चित रूप से एक प्रगतिशील नीति है।
₹1,600 करोड़ के सरकारी निवेश, आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, अनंत नगर और नैमिष नगर जैसी बड़ी परियोजनाओं के एक साथ चलने से लखनऊ की शहरी काया पलट रही है। अगर यही गति बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ देश के सबसे सुनियोजित और आधुनिक शहरों में शुमार होगा।
