UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। इस अतिरिक्त बजट के साथ प्रदेश का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा, जो उत्तर प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। सरकार ने इस अनुपूरक बजट में औद्योगिक निवेश, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह बजट सरकार की विकास और रोजगार आधारित रणनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए कहा कि अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग विकास परियोजनाओं को गति देने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत निवेश को प्राथमिकता दी गई है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
उद्योग क्षेत्र को सबसे बड़ा आवंटन
अनुपूरक बजट में सबसे अधिक ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश आकर्षित करना, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की यह रणनीति राज्य की आर्थिक वृद्धि को तेज करने के प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।
ग्रामीण विकास पर बड़ा फोकस
ग्रामीण विकास विभाग को ₹17,942.73 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कें, पंचायत विकास, पेयजल, स्वच्छता, आजीविका मिशन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
ऊर्जा और स्वास्थ्य को भी मिली मजबूती
प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण पर भी जोर
अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को ₹1,655 करोड़ तथा महिला कल्याण विभाग को ₹1,094.40 करोड़ का प्रावधान दिया गया है। इन संसाधनों का उपयोग पेंशन योजनाओं, महिला सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के विस्तार में किया जाएगा।
सड़क और बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त धन
प्रदेश में सड़क और अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को ₹700.01 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सड़क निर्माण, पुलों और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचना परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
आर्थिक सेवाओं पर सबसे अधिक खर्च
कुल ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट में लगभग 77 प्रतिशत राशि आर्थिक सेवाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार इससे उद्योग, ऊर्जा, कृषि और आधारभूत ढांचे में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
क्या संकेत देता है यह अनुपूरक बजट?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रस्तुत यह अनुपूरक बजट केवल अतिरिक्त व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की आर्थिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं का भी संकेत माना जा रहा है। बजट में उद्योग, ग्रामीण विकास और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिनका सीधा संबंध रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे से है। वहीं स्वास्थ्य, महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
हालांकि, बजट का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आवंटित धनराशि का उपयोग कितनी तेजी और पारदर्शिता से किया जाता है तथा योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस स्तर तक पहुंचता है। यदि परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो इससे औद्योगिक निवेश, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
