उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 27 स्थानों पर लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों में वेयरहाउसिंग, परिवहन और अन्य आवश्यक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
यूपी के 26 जिलों में एक्सप्रेसवे के नजदीक चिन्हित स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर के विकास के साथ निवेशकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
मेरठ से फिरोजाबाद तक निवेश की तैयारी
यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से मेरठ, हरदोई, संभल, उन्नाव और फिरोजाबाद समेत कई नोड में निवेशकों को भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब 16 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर, जालौन और उन्नाव समेत कई क्षेत्रों में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी सुविधाएं
लॉजिस्टिक क्लस्टरों में सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। 14 नोड में करीब 90 प्रतिशत और आठ नोड में 80 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
इनमें से पांच नोड में लगभग 300 एकड़ भूमि निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इन परियोजनाओं में करीब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है।
औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे भी विकसित होंगे क्लस्टर
एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है। यूपीडा के मुताबिक, जिन स्थानों पर अभी सुविधाओं का विकास नहीं हुआ है, वहां चरणबद्ध तरीके से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
यूपीडा ने प्रदेश के 27 नोड के लिए करीब 12,700 एकड़ भूमि चिन्हित की है। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे नेटवर्क को औद्योगिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों से जोड़कर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।