परिवहन विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बस्ती जिले के बाद अब कानपुर में अनियमितताओं में लिप्त पाए गए दो एआरटीओ को बुधवार को निलंबित कर दिया गया।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए अधिकारियों में एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय सोमलता यादव और एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार शामिल हैं। दोनों को फिलहाल एआरटीओ मुख्यालय से संबद्ध रखा गया है।
दो लिपिकों समेत 15 के खिलाफ दर्ज था केस
बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों समेत दो लिपिकों सहित कुल 15 लोगों के विरुद्ध पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कानपुर की जिलाधिकारी ने 24 अगस्त को परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण करवाया था, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई थीं।
एआरटीओ प्रशासन को कारण बताओ नोटिस
इसके अलावा एआरटीओ प्रशासन राकेंद्र सिंह को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री की दो टूक: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
