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Home»राज्य»उत्तरप्रदेश»विधायक निधि में कमीशनखोरी का खुलासा: कैमरे पर पकड़े गए दो विधायक
उत्तरप्रदेश

विधायक निधि में कमीशनखोरी का खुलासा: कैमरे पर पकड़े गए दो विधायक

News DriftBy News DriftSeptember 5, 2026No Comments2 Mins Read
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विधायक निधि में कमीशनखोरी का खुलासा: कैमरे पर पकड़े गए दो विधायक
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उत्तर प्रदेश में विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी कराने की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दैनिक भास्कर की एक बड़ी स्टिंग रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो विधायक — एक भाजपा और एक समाजवादी पार्टी (सपा) से — विधायक निधि से सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसे विकास कार्यों के लिए फंड जारी करने के एवज में कमीशन मांगते हुए कैमरे पर रिकॉर्ड हुए हैं।

35 फीसदी कमीशन पर अड़े रहे विधायक

रिपोर्ट के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दोनों विधायक विकास कार्यों के ठेके के बदले 35 प्रतिशत कमीशन की मांग पर अड़े रहे। भास्कर ने इसे अब तक के सबसे बड़े खुलासों में से एक बताया है, जिसमें यह दिखाया गया है कि जनता की भलाई के लिए आवंटित होने वाली विधायक निधि किस तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।

कैसे होता है खेल?

विधायक निधि आमतौर पर स्थानीय क्षेत्र में सड़क निर्माण, नाली सफाई, स्ट्रीट लाइट लगवाने जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए जारी की जाती है। आरोप है कि ठेकेदारों या संबंधित एजेंसियों को यह फंड जारी करने से पहले विधायकों की ओर से मोटा कमीशन मांगा जा रहा था, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनता तक पहुंचने वाला वास्तविक लाभ प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

सियासी हलकों में हलचल

चूंकि इस स्टिंग में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा दोनों के विधायकों के नाम सामने आए हैं, इसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। दोनों ही दल इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध सकते हैं, वहीं यह खुलासा जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भी नई बहस छेड़ता है।

आगे की कार्रवाई पर निगाहें

इस तरह के स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद आमतौर पर संबंधित पार्टियों और प्रशासन से जांच व कार्रवाई की मांग उठती है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में भाजपा और सपा नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया आती है, और क्या इसकी कोई निष्पक्ष जांच बिठाई जाती है।

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