उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2027 की आहट सुनाई देते ही प्रदेश के सियासी दलों में महिला वोटरों को अपने पाले में लाने की होड़ मच गई है। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा दोनों ही नित नए लुभावने वादे कर रहे हैं और अपनी-अपनी सरकारों की खासियत तथा दूसरों की कमियों को गिनाने का दौर लगातार जारी है।
सपा का बड़ा दांव: हर गरीब महिला को 40 हजार रुपये सालाना
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सत्तारूढ़ भाजपा पर करारा पलटवार करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। विश्व समानता दिवस पर महिला सांसदों, विधायकों व पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा मुखिया अखिलेश यादव और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि सपा की सरकार बनने पर प्रदेश में सभी गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिना आधी आबादी के हमारी तरक्की अधूरी है, और सपा सरकार आधी आबादी की पूरी आजादी के लिए काम करेगी।
इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य बड़ी घोषणाएं भी कीं:
- सभी महिलाओं को रोडवेज बस में मुफ्त सफर की सुविधा
- इंटरमीडिएट पास बेटियों को लैपटॉप
- विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी व कॉलेज जाने के लिए बसों व मेट्रो में फ्री यात्रा कार्ड
- सरकारी स्कूलों में पूरी और निजी स्कूलों में आधी फीस माफ करने की घोषणा
- प्रदेश में बंद किए गए बेसिक स्कूलों को फिर से खोलना
- आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों और पोषण योजनाओं की स्थिति सुधारने का वादा
अखिलेश यादव ने महिला सुरक्षा को लेकर भी बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में महिलाओं की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। इसके तहत घोषणा की गई कि:
- पुलिस में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा
- हर तहसील में सुव्यवस्थित वृद्धा आश्रम बनाया जाएगा
- हर तहसील में महिला पीजी कॉलेज खोला जाएगा
- हर जिले में विश्वविद्यालय व सुरक्षित छात्रावास बनेगा
- हर जिला मुख्यालय पर सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की स्थापना होगी
- तत्काल प्रभाव से हर जिले में महिला पुलिस अधीक्षक बनाई जाएंगी
सांसद डिंपल यादव ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कुछ दल नहीं चाहते थे कि छात्रों के प्रदर्शन में जाया जाए, लेकिन सपा के युवा सांसदों की इच्छा थी कि वे धरना-प्रदर्शन में जाएं, इसलिए वे लोग पहले ही दिन धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए, जहां छात्र-छात्राओं की प्रताड़ना की गई और उन्हें करंट तक लगाए गए। डिंपल ने कहा कि 1090 के आंकड़ों का अध्ययन किया जाए तो पता चलेगा कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए सपा सरकार ने क्या-क्या काम किए थे।
भाजपा ने भी खोला महिलाओं के लिए गिफ्ट का पिटारा
सपा की इन घोषणाओं के जवाब में भाजपा भी महिला वोटरों को लुभाने में पीछे नहीं है। यूपी में भाजपा सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी है। इसके अलावा रक्षाबंधन पर तीन दिन सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था की गई थी। स्नातक की मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी दिए जाने की योजना है, जिसके तहत अक्तूबर-नवंबर में 50 हजार छात्राओं को जल्द मुफ्त स्कूटी मिलेगी। साथ ही बिहार की तर्ज पर महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने को बजट में टोकन मनी भी दी गई है।
अन्य राज्यों में भी महिलाओं को लुभाने का ट्रेंड
गौरतलब है कि महिला वोटरों को लुभाने की यह रणनीति सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। कई अन्य राज्यों में भी महिलाओं ने सत्ता की चाबी दिलाने में अहम भूमिका निभाई है, और वहां की सरकारों ने महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं चलाई हैं:
- दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना में महिलाओं को 2500 रुपये की पहली किश्त दी
- मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये दिए गए
- हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये दिए जा रहे हैं
- महाराष्ट्र में महिलाओं को 1500 रुपये मिल रहे हैं
- पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में चुनावों से पहले महिलाओं के खाते में सीधे धनराशि भेजी गई
यूपी में महिला वोट की ताकत
यूपी में महिला वोटरों की ताकत को समझना जरूरी है। प्रदेश में कुल 13.40 करोड़ मतदाताओं में से 6.09 करोड़ महिलाएं हैं और बाकी पुरुष मतदाता हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में 62.24 प्रतिशत महिलाओं और 59.56 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया था — यानी महिला मतदान प्रतिशत पुरुषों से भी ज्यादा रहा, जो इस बात को साबित करता है कि क्यों सभी राजनीतिक दल अब महिला वोटरों को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सपा ने अपनी पिछली सरकार के दौरान महिला सुरक्षा के लिए 1090 योजना शुरू की थी, जिसे सियासी तौर पर भुनाने का प्रयास पार्टी अब भी कर रही है।
कुल मिलाकर, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटरों को साधने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी सपा दोनों ने आर्थिक सहायता, शिक्षा, सुरक्षा और मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाओं की झड़ी लगा दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सियासी समर में महिलाओं को लुभाने में कौन सफल होता है।
