बहराइच और नेपाल के नेपालगंज के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड के बीच नवनिर्मित विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा गोंडा-बहराइच के बीच चलने वाली डेमू ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार शुरू किया गया।
नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल में आई भीषण बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच और नेपालगंज के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी का सपना इस क्षेत्र की कई पीढ़ियों से जुड़ा रहा है। अब इस सपने को साकार रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल केवल भारत का पड़ोसी और मित्र राष्ट्र नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध भी हैं। पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत इसकी मजबूत कड़ी है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह क्षेत्र पर्याप्त रेल सुविधाओं से वंचित रहा। यहां मौजूद मीटरगेज रेल लाइन के कारण भी व्यापक कनेक्टिविटी विकसित नहीं हो सकी। अब ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत रेल लाइन के जरिए बहराइच को नेपाल सीमा से सीधे बेहतर रेल संपर्क मिला है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लंबी बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड ब्रॉडगेज रेल लाइन का काम पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि रूपईडीहा को भारत के महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
नई रेल कनेक्टिविटी के साथ चार ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार भी किया गया है। इससे बहराइच और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को नेपाल आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सामाजिक संपर्क भी बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बहराइच को अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के साथ नेपालगंज तक रेल संपर्क मजबूत होने से पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी विकास की बुनियाद होती है। जब आवागमन आसान होता है तो व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। इसी दृष्टि से बहराइच-नेपालगंज रेल संपर्क सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कार्यक्रम के दौरान रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की परियोजना के शुभारंभ की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नेपाल की मदद के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल राजनीतिक संबंध ही नहीं, बल्कि सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्ते भी हैं।
बहराइच-नेपालगंज रेल कनेक्टिविटी ऐसे समय में शुरू हुई है जब सीमावर्ती क्षेत्र में बेहतर परिवहन संपर्क की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी। अब चुनौती इस कनेक्टिविटी को केवल यात्री सुविधा तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापार, पर्यटन, कृषि और स्थानीय उद्योगों के विकास का माध्यम बनाने की है।
शुचि पाण्डेय (गोण्डा ब्यूरो )
