परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव में बुधवार देर शाम बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी (45) पर धारदार हथियारों से हुए हमले के बाद उनकी लखनऊ स्थित केजीएमयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में शुभम उर्फ गोलू, सुभाष समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
जानकारी के मुताबिक रेक्सड़िया गांव निवासी विनोद कुमार साहनी शाहपुर धनावा में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे दुकान बंद कर घर लौटते समय रास्ते में पांच-छह लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले उनके साथ मारपीट की और फिर धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के बाद परिजन विनोद को तत्काल परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया, जहां से उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमयू भेज दिया गया। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर पर परसपुर पुलिस ने शुभम उर्फ गोलू, सुभाष समेत पांच से सात अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विनोद की मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में कार्रवाई तेज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस घटना के कारणों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी कार्रवाई की गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए परसपुर थानाध्यक्ष और संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कृष्ण गोपाल राय को परसपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
विनोद साहनी की मौत की जानकारी मिलने पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद लखनऊ के केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही की जांच कर कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद दोबारा गोण्डा पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में उन्होंने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक के सामने हत्याकांड को लेकर अपना आक्रोश जताया। मंत्री ने हत्यारों पर NSA लगाने, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने समेत पांच प्रमुख मांगें रखीं।
इसके बाद मंत्री ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद रेक्सड़िया गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
शुचि पाण्डेय ( गोण्डा ब्यूरो )
