लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक मामूली बहस ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें एक बुजुर्ग की जान चली गई और उनका पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरी घटना मड़ियांव थाने के ठीक पास , फ्लाईओवर के नीचे सीतापुर रोड पर हुई।
कैसे हुई शुरुआत
पुलिस के मुताबिक, भरत नगर (आनंद हॉस्पिटल के पास) निवासी 70 वर्षीय मदन बिहारी तिवारी अपने 19 वर्षीय पोते संकल्प तिवारी के साथ बाइक पर सवार होकर बिजली का बिल जमा करने निकले थे। रास्ते में थाने के सामने एक कबाड़ी ठेला लेकर गलत दिशा से आ रहा था। संकल्प ने उसे टोक दिया, जिस पर दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई।
कहासुनी बनी हमले की वजह
देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि कबाड़ी ने जेब से चाकू निकालकर संकल्प पर वार करना शुरू कर दिया। अपने पोते को बचाने के लिए दादा मदन बिहारी तुरंत बाइक से उतरकर बीच-बचाव करने आगे आए। इस पर आरोपी ने संकल्प को छोड़कर पूरा गुस्सा बुजुर्ग पर उतार दिया और पेट व सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गहरी चोटों की वजह से मदन बिहारी वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अफरा-तफरी और आरोपी फरार
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से आसपास हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल दादा-पोते को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मदन बिहारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि संकल्प का इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से पुलिस ने हमलावर की पहचान राजकुमार उर्फ मलाई (उम्र करीब 40 वर्ष) के रूप में की। वह केशवनगर इलाके में मार्कंडेय धर्मशाला के आसपास रहता है और मोहल्लों में घूमकर कबाड़ खरीदने का काम करता है। घटना के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित परिवार में शोक
मदन बिहारी तिवारी के परिवार में पत्नी माया तिवारी, बेटा प्रदीप, बहू पुष्पा और तीन पोते-पोतियां हैं। परिवार में मातम का माहौल है। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के दौरान भी परिजनों में आक्रोश देखने को मिला।
