उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत प्रदेश की 40 हजार मेधावी छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम (GeM) पोर्टल पर बिड जारी कर दी है। चयनित कंपनी को स्कूटियों की आपूर्ति के लिए अधिकतम 100 दिनों का समय दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग सितंबर के अंत तक स्कूटी खरीद की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। इसके बाद चयनित कंपनी को आपूर्ति का आदेश दिया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनवरी तक पात्र छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
21 सितंबर को ऑनलाइन प्री-बिड बैठक
स्कूटी की खरीद प्रक्रिया को लेकर 21 सितंबर को ऑनलाइन प्री-बिड बैठक आयोजित की जाएगी। चयनित कंपनी को जिले और मंडल मुख्यालयों पर स्कूटी की आपूर्ति करनी होगी। प्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटियां भेजी जानी हैं, इसकी जानकारी खरीद आदेश जारी करते समय उपलब्ध कराई जाएगी।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार, संबंधित विक्रेताओं के साथ 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे ऑनलाइन बैठक होगी। इसमें स्कूटी की आपूर्ति, गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
75 जिला-मंडल मुख्यालयों पर होगी डिलीवरी
योजना के तहत स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला एवं मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी। छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
स्कूटी के साथ हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूटी में सुरक्षा से जुड़े जरूरी एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक कवर और सीट कवर उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य प्रदेश की मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आवागमन में सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें शिक्षा जारी रखने के लिए बेहतर परिवहन साधन मुहैया कराना है।
