उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। प्रयागराज में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐलान किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके लिए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की व्यवस्था की जाएगी और सहायता प्राप्त करने की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष तय की गई है।
चैंबर और तकनीक पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए बने चैंबरों के रखरखाव, फर्नीचर और उपकरणों को लेकर मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से आने वाले प्रस्ताव पर सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। साथ ही 400 राज्य विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट देने की घोषणा भी की।
बार और बेंच न्याय व्यवस्था के दो पहिए’
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका को मजबूत करने और आम लोगों का अदालतों के प्रति विश्वास बनाए रखने में अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बार और बेंच को न्याय व्यवस्था के दो पहिए बताते हुए दोनों के बीच परस्पर सम्मान और संवाद पर जोर दिया। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप प्रदेश की फॉरेंसिक व्यवस्था को और मजबूत करने की बात भी कही।
