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Home»स्वास्थ्य»भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी दवा: अब सिर्फ 7 मिनट में दिया जाएगा कैंसर का इलाज
स्वास्थ्य

भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी दवा: अब सिर्फ 7 मिनट में दिया जाएगा कैंसर का इलाज

News DriftBy News DriftMay 16, 2026No Comments3 Mins Read
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भारत में लॉन्च हुई नई इम्यूनोथेरेपी दवा: अब सिर्फ 7 मिनट में दिया जाएगा कैंसर का इलाज
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कैंसर के इलाज में तेजी से नई तकनीकें जुड़ रही हैं और अब भारत में फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के लिए एक नई इम्यूनोथेरेपी दवा लॉन्च की गई है। खास बात यह है कि इस दवा को अब लंबे IV इन्फ्यूजन की बजाय केवल 7 मिनट में इंजेक्शन के रूप में दिया जा सकेगा। इससे मरीजों को अस्पताल में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इलाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नई तकनीक उन मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें बार-बार अस्पताल जाकर लंबा इलाज लेना पड़ता था।

किस कैंसर में इस्तेमाल होगी यह नई दवा?

यह नई इम्यूनोथेरेपी मुख्य रूप से नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) के मरीजों के लिए लाई गई है। फेफड़ों के कैंसर के मामलों में यह सबसे सामान्य प्रकार माना जाता है। भारत में हर साल हजारों नए मरीज इस बीमारी से प्रभावित होते हैं।

हालांकि, यह इलाज हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। डॉक्टर पहले यह जांच करते हैं कि मरीज के कैंसर सेल्स में PD-L1 प्रोटीन का स्तर कितना है। जिन मरीजों में यह प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है, उन्हें इस थेरेपी से बेहतर फायदा मिल सकता है।

दवा शरीर में कैसे काम करती है?

हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम सामान्य रूप से खराब या असामान्य कोशिकाओं को पहचानकर खत्म करने की कोशिश करती है। लेकिन कई बार कैंसर कोशिकाएं खुद को बचाने के लिए PD-L1 नामक प्रोटीन का इस्तेमाल करती हैं। इससे शरीर की T-Cells उन्हें पहचान नहीं पातीं।

नई इम्यूनोथेरेपी दवा इसी प्रक्रिया को रोकने का काम करती है। यह PD-L1 को ब्लॉक करके इम्यून सिस्टम को दोबारा सक्रिय करने में मदद करती है, जिससे शरीर कैंसर कोशिकाओं पर हमला कर सके।

7 मिनट वाला नया इंजेक्शन क्यों माना जा रहा है खास?

पहले यह दवा IV इन्फ्यूजन के जरिए दी जाती थी, जिसमें मरीज को कई घंटों तक अस्पताल में रहना पड़ता था। अब इसे सबक्यूटेनियस (SC) इंजेक्शन के रूप में दिया जाएगा, जो जांघ में केवल 7 मिनट में लगाया जा सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि इससे अस्पतालों में इलाज की क्षमता भी बढ़ेगी। जहां पहले एक मरीज के इलाज में काफी समय लगता था, वहीं अब उसी समय में कई मरीजों को दवा दी जा सकेगी।

अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में भी देखा गया है कि ज्यादातर मरीज लंबे IV इन्फ्यूजन की तुलना में इस नए इंजेक्शन तरीके को ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।

भारत में कितनी है इस नई दवा की कीमत?

नई इम्यूनोथेरेपी दवा का खर्च अभी भी काफी ज्यादा माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी एक डोज की कीमत करीब 3.7 लाख रुपये तक हो सकती है। कई मरीजों को इलाज के दौरान कई डोज की जरूरत पड़ती है, इसलिए कुल खर्च काफी बढ़ सकता है।

हालांकि, कुछ पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए मरीजों को आर्थिक सहायता देने की कोशिश की जा रही है। CGHS जैसी योजनाओं में शामिल होने से कुछ मरीजों को राहत मिल सकती है।

क्या भारत में कैंसर इलाज का तरीका बदल सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की तेज और कम समय लेने वाली इम्यूनोथेरेपी तकनीक कैंसर उपचार को और आसान बना सकती है। इससे मरीजों का समय बचेगा, अस्पतालों पर दबाव कम होगा और इलाज की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुविधाजनक बन सकती है।

हालांकि, डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी इम्यूनोथेरेपी को शुरू करने से पहले पूरी मेडिकल जांच और विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी है, क्योंकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है।

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