स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से उत्कृष्ट सेवा, अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए पदकों की घोषणा की गई। इस वर्ष उत्तर प्रदेश पुलिस और फायर सर्विस के अधिकारियों-कर्मियों ने राष्ट्रपति पदकों के साथ-साथ कई वीरता और सराहनीय सेवा सम्मान अपने नाम किए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस के 81 अफसरों-कर्मियों को राष्ट्रपति पदक
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 6 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को ‘राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक’ (President’s Medal for Distinguished Service) और 75 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को ‘राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक’ (President’s Medal for Meritorious Service) प्रदान किया गया है।
विशिष्ट सेवा पदक विजेता:
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डीजी ध्रुवकांत ठाकुर (डीके ठाकुर)
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एडीजी पदमजा चौहान
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एडीजी प्रशांत कुमार
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सहायक कमांडेंट देवनारायण यादव
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अजय कुमार त्रिपाठी
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डीएसपी विकास श्रीवास्तव
सराहनीय सेवा पदक (प्रमुख नाम): सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में एडीजी राम कुमार, डीआईजी सुनीता सिंह, एसपी दयाराम, दिनेश कुमार पांडेय, अमृता मिश्रा, आशुतोष शुक्ला, डीसीपी दिनेश त्रिपाठी, डीसीपी रविशंकर निम, अपर पुलिस अधीक्षक बालरामाचारी दुबे, सुरेश चंद्र रावत, कुलदीप सिंह, शशि शेखर सिंह, डीएसपी देव दयाल, कन्हैया प्रसाद, रमेश चंद्र राजपूत, प्रीतम पाल सिंह, विजयपाल सिंह यादव, निरीक्षक रामलाल, लक्ष्मण पर्वत, तेज सिंह, शिवकांत शुक्ला, राजीव श्रीवास्तव, घनानंद त्रिपाठी, अमरजीत, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार, शशिभाल चौरसिया, सुरेंद्र पाल शर्मा, जयहिंद यादव, रवि वीर सिंह, अतिवीर सिंह, गुलाब सिंह, प्रेमपाल सिंह, विद्यानंद, राजकुमार, उमाशंकर, हरिभान सिंह, किशनपाल, शेष बहादुर सिंह, वीर बहादुर राम, हीरालाल, हरेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कृष्ण गोपाल शुक्ला, नरेंद्र सिंह, उमेश चंद्र, भोलाराम, मुकेश, और सुरेश चंद्रा सहित कुल 75 कर्मी शामिल हैं।
निरीक्षक सुनील सिंह को मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’
यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी पुलिसकर्मी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। एसटीएफ में तैनात रहे निरीक्षक सुनील सिंह को यह सर्वोच्च वीरता सम्मान दिया गया है।
सुनील सिंह मेरठ में कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए थे। इसके अलावा, आगरा में 1 लाख के इनामी बदमाश बदन सिंह और उसके साथी को मुठभेड़ में ढेर करने में शामिल एसएसपी मुनिराज जी., आईपीएस सत्यजीत गुप्ता, निरीक्षक नरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी और प्रशांत कुमार को भी पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।
वीरता के लिए फायर कर्मियों का सम्मान
राष्ट्रपति पदक पाने वाले फायर सर्विस कर्मियों में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची:
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चीफ फायर अधिकारी: राहुल पाल
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फायर स्टेशन ऑफिसर: मूलचंद सिंह, सुशील कुमार
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फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर: धर्मपाल सिंह, सुमित प्रताप
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मुख्य फायरमैन: नेत्रपाल सिंह
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फायरमैन: रामपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, विनय यादव, आयुष्मान कुमार शर्मा, दीपक कुमार प्रथम, उमाकांत शुक्ला, प्रवेश कुमार, विवेक पटेल, पुष्पेंद्र सिंह
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विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक (फायर): लीडिंग फायरमैन नईमुद्दीन को विशिष्ट सेवा पदक, जबकि फायर ऑफिसर राम मिलन भारती, फायरमैन ड्राइवर परमेश्वर प्रसाद यादव, फायरमैन आरिफ अली और मुईद्दीन को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
इनामी अपराधियों से मुठभेड़ के लिए सम्मान: एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और संजय सिंह को 10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद में 1 लाख रुपये के इनामी दुर्दांत अपराधी आसिफ उर्फ टिंडा व उसके साथी 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश दीनू को मुठभेड़ में ढेर करने के साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।
2039 पुलिसकर्मियों को गृह मंत्रालय और डीजीपी पदक
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के 2039 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय और डीजीपी स्तर पर भी सम्मानित करने की घोषणा हुई है:
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गृह मंत्रालय (अति-उत्कृष्ट/उत्कृष्ट सेवा): यूपी पुलिस के 707 अधिकारियों व कर्मियों को यह पदक प्रदान किया गया।
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उत्कृष्ट सेवा पदक: वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत 662 पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक दिया गया है।
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डीजीपी प्रशंसा चिन्ह: डीजीपी की ओर से उत्कृष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और शौर्य के आधार पर 670 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशंसा चिन्ह (Commendation Disc) प्रदान किए गए हैं। इनमें पीएसी के डिप्टी कमांडेंट अशोक कुमार सिंह, प्लाटून कमांडर चंद्रशेखर लोहनी, शिव कुमार पांडेय, उमाशंकर विश्वकर्मा सहित कई अन्य जांबाज शामिल हैं।
