उत्तरप्रदेश के परिषदीय और सहायता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोइयों को योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए रसोइयों के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब रसोइयों को हर महीने 2,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये मानदेय मिलेगा।
करीब पांच साल बाद बढ़ा मानदेय
रसोइयों के मानदेय में यह बढ़ोतरी करीब पांच साल बाद हुई है। इससे पहले अप्रैल 2022 में मानदेय को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, प्रदेश में रसोइयों को पहले सिर्फ 1,000 रुपये मानदेय मिलता था। इसे बाद में बढ़ाकर 2,000 रुपये किया गया और अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का फैसला लिया है।
3.53 लाख से ज्यादा रसोइयों को फायदा
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों को लाभ मिलेगा। इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले रसोइयों की है। लंबे समय से रसोइये मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से उनकी मासिक आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।
मानदेय के साथ मिलेंगी दूसरी सुविधाएं
सरकार ने रसोइयों के लिए सिर्फ मानदेय बढ़ाने का फैसला नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की भी घोषणा की है।
इसके अलावा रसोइयों को पहले से ही यूनिफॉर्म और ग्लव्स के लिए अलग से राशि उपलब्ध कराई जाती रही है।
सितंबर से बढ़ा मानदेय मिलेगा
बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर माह से लागू किया जाएगा और इसे अक्टूबर के मानदेय के साथ जोड़कर दिए जाने की बात कही गई है। मानदेय बढ़ाने से सरकार पर हर महीने करीब 35.35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। सालाना आधार पर यह खर्च 353 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव यतींद्र कुमार की ओर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
