कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सिस्टम में तकनीकी और प्रक्रियात्मक बदलाव किए हैं, ताकि पीएफ (PF) से जुड़ी सेवाओं को अधिक डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके। यह बदलाव करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
क्या है यह नया बदलाव?
EPFO ने अपनी कार्यप्रणाली में ‘सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम’ को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पहले पीएफ का काम क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) के स्तर पर होता था, लेकिन अब इसे एक केंद्रीकृत डेटाबेस पर स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही, केवाईसी और दावों के निपटान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बढ़ाया गया है, ताकि दावों को बिना मानवीय हस्तक्षेप के तेजी से प्रोसेस किया जा सके।
ऐसा क्यों किया गया?
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तेजी और दक्षता: पुराने सिस्टम में दावों के निपटान में समय अधिक लगता था। नया सिस्टम दावों को स्वतः (auto-settlement) प्रोसेस करने की क्षमता रखता है।
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डेटा एकीकरण: देशभर के करोड़ों खाताधारकों का डेटा एक जगह होने से पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान हो गई है।
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सुरक्षा: धोखाधड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और बेहतर एन्क्रिप्शन का उपयोग किया गया है।
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आधुनिक तकनीक: पुराने लेगेसी सिस्टम को बदलकर नए युग की क्लाउड-आधारित तकनीक अपनाना आवश्यक था।
