दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार, 18 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
किन-किन को किया गया गिरफ्तार
ACB के मुताबिक गिरफ्तार किए गए छह लोगों में शामिल हैं:
- सत्येंद्र कुमार जैन — GNCTD के पूर्व जल मंत्री
- उदित प्रकाश राय (IAS) — दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO
- अंकित श्रीवास्तव — दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट
- नागेंद्र यादव — M/s AN एंटरप्राइजेज के मालिक
- राजा कुमार कुर्रा — M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक
- पंकज वर्मा — M/s श्रीजनहार के मालिक
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ IPC की धारा 420, 409, 418 और 120-B जैसी धाराएं भी लगाई गई हैं।
टेंडर में हेराफेरी का आरोप
ACB का दावा है कि दिल्ली जल बोर्ड के STP अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के टेंडर की शर्तों में जानबूझकर हेरफेर की गई, ताकि एक चुनिंदा कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच एजेंसी के अनुसार यह पूरा टेंडर करीब 1,546 करोड़ रुपये का था। आरोप है कि टेंडर की तकनीकी और वित्तीय शर्तों को इस तरह ढाला गया कि प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए और चहेती कंपनी को ठेका मिलना तय हो जाए।
1.52 करोड़ की रिश्वत का खुलासा
जांच में सामने आया कि उदित प्रकाश राय और उनके परिजनों के बैंक खातों में बैंकिंग चैनल के ज़रिए करीब 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत पहुंचाई गई। ACB के मुताबिक यह रकम यूरोटेक कंपनी से होते हुए बिचौलिया कंपनी AN एंटरप्राइजेज के रास्ते आगे पहुंचाई गई। जांच एजेंसी ने बताया कि राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच भी संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं।
रिश्वत की रकम को केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं रखा गया — आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में भी किया गया। ACB फिलहाल पूरे मामले के मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्ति (proceeds of crime) की गहराई से जांच कर रही है।
आगे की जांच जारी
ACB ने स्पष्ट किया है कि यह गिरफ्तारियां जांच का अंतिम पड़ाव नहीं हैं। एजेंसी टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
सियासी हलचल तेज़
गिरफ्तारी के तुरंत बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई को भाजपा के इशारे पर की गई राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि जैसे पहले का मामला झूठा साबित हुआ था, वैसे ही यह मामला भी फर्जी साबित होगा। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी गिरफ्तारी का विरोध किया, जबकि भाजपा ने इस कार्रवाई को सही और वाजिब बताया है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने दोनों पार्टियों के बीच टकराव को और तेज़ कर दिया है।
गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन इससे पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में मई 2022 में गिरफ्तार हो चुके हैं और अक्टूबर 2024 में जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे। अब STP टेंडर मामले में उनकी यह नई गिरफ्तारी दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गई है।
