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Home»राष्ट्रीय»पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग: 10 दिनों में 4 बार बढ़े दाम, ₹7 से ज्यादा की बढ़ोतरी
राष्ट्रीय

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग: 10 दिनों में 4 बार बढ़े दाम, ₹7 से ज्यादा की बढ़ोतरी

News DriftBy News DriftMay 25, 2026No Comments2 Mins Read
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग: 10 दिनों में 4 बार बढ़े दाम, ₹7 से ज्यादा की बढ़ोतरी
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पेट्रोल-डीजल:  महंगाई की मार झेल रही जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिससे दोनों ईंधनों के दाम कुल मिलाकर 7 रुपये से अधिक बढ़ गए हैं।

इस बढ़ोतरी के बाद जहां पेट्रोल ₹102 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, वहीं डीजल भी ₹95 प्रति लीटर से अधिक की कीमत पर बिक रहा है। महज 10 दिन पहले (15 मई को) पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 के करीब था।

📅 मई महीने में कब-कब लगी महंगाई की चपत?

पिछले 10 दिनों में तेल की कीमतों में हुए बदलाव का पूरा लेखा-जोखा नीचे दिया गया है:

तारीख पेट्रोल में वृद्धि (प्रति लीटर) डीजल में वृद्धि (प्रति लीटर)
15 मई ~ ₹3.00 ~ ₹3.00
19 मई ₹0.90 ₹0.90
23 मई ₹0.87 ₹0.91
25 मई ₹2.61 ₹2.71

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

तेल कंपनियों के अधिकारियों (ONGC और BPCL) के अनुसार, इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें: क्रूड ऑयल लगातार $100 प्रति बैरल के पार बना हुआ है।

  2. रुपये का अवमूल्यन: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई रिकॉर्ड गिरावट के कारण तेल का आयात (Import) बेहद महंगा हो गया है।

लागत से कम कीमत पर तेल बेचने के कारण (अंडर-रिकवरी) रिटेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

भारी नुकसान में हैं तेल कंपनियां

सरकारी आंकड़ों और रेटिंग एजेंसियों के मुताबिक, इतनी बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह कम नहीं हुआ है:

प्रतिदिन ₹750 करोड़ का नुकसान: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, 15 मई को हुई बढ़ोतरी से नुकसान में 25% की कमी जरूर आई थी, लेकिन इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 750 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था।

  • क्रिसिल (CRISIL) का अनुमान: रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹10 प्रति लीटर और डीजल पर लगभग ₹13 प्रति लीटर का नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है।

और बढ़ सकते हैं दाम!

जानकारों का मानना है कि राहत की उम्मीद अभी दूर है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची हैं और रुपये में कमजोरी बरकरार है, इसलिए तेल कंपनियां अपना घाटा कम करने के लिए आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती हैं।

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