शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक बार फिर हमले का शिकार हो गए। इस बार हमलावर ने उन पर कृपाण जैसे धारदार हथियार से वार किया, जिसमें उनके दाहिने हाथ में चोट आई। हमले के तुरंत बाद उन्हें नज़दीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
घटना कैसे हुई
यह हमला नांदेड़ के माता साहिब कौर इलाके के एक गुरुद्वारे में हुआ। नांदेड़ के जिलाधिकारी राहुल कर्डिले के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल निजी यात्रा (पर्सनल विजिट) पर गुरुद्वारे पहुंचे हुए थे और उन्हें तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। इसी दौरान अचानक एक निहंग गुरुद्वारा परिसर में घुस आया और उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में बादल को हल्की चोटें आईं, जबकि उन्हें बचाने के प्रयास में एक पुलिस इंस्पेक्टर भी मामूली रूप से घायल हो गए।
हमले के तुरंत बाद पुलिस ने हमलावर को मौके से हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। हमले के बाद अस्पताल पहुंचते समय बादल का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे सुरक्षाकर्मियों से घिरे हुए, हाथ पर कपड़ा बांधे अस्पताल में दाखिल होते नज़र आ रहे हैं। घटना के बाद उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
पहली बार नहीं हुआ ऐसा हमला
गौरतलब है कि सुखबीर सिंह बादल पर यह कोई पहला हमला नहीं है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब) के प्रवेश द्वार पर उन पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी, जब एक पूर्व खालिस्तानी उग्रवादी नारायण सिंह चौड़ा ने नज़दीक से उन पर गोली चलाई थी। उस वक्त बादल श्री अकाल तख्त द्वारा सुनाई गई धार्मिक सज़ा (तनखाह) के तहत स्वर्ण मंदिर के बाहर ‘सेवादार’ की ड्यूटी निभा रहे थे, जब सतर्क सुरक्षाकर्मियों और सेवादारों ने हमलावर को दबोच लिया था और गोली दीवार से जा टकराई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि हमलावर 2015 के बेअदबी मामलों में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार की ‘निष्क्रियता’ से नाराज़ था।
दरअसल, 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को माफी देने और उस दौर में सरकार के रवैये को लेकर अकाल तख्त ने सुखबीर सिंह बादल सहित शिरोमणि अकाली दल के तत्कालीन नेतृत्व को ‘धार्मिक कदाचार’ का दोषी करार दिया था। इसके बाद अकाल तख्त ने बादल को पार्टी अध्यक्ष पद से हटने और स्वर्ण मंदिर सहित सिखों के अन्य प्रमुख तख्तों पर सेवादार के तौर पर बर्तन धोने, जूते पॉलिश करने और अन्य सेवा कार्य करने की सज़ा (तनखाह) सुनाई थी। बादल ने व्हीलचेयर पर बैठकर यह सज़ा पूरी की थी और दिसंबर 2024 में अकाल तख्त पर जाकर अपनी तनखाह पूरी होने की अरदास भी की थी।
जांच जारी
फिलहाल नांदेड़ की पुलिस इस ताज़ा हमले के पीछे की वजह और हमलावर की पहचान को लेकर जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमलावर एक निहंग बताया जा रहा है, हालांकि उसकी पहचान और हमले के पीछे के मकसद को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुखबीर सिंह बादल की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे अस्पताल में इलाजरत हैं।
