उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिलों में आउटसोर्स के माध्यम से होने वाली भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भर्ती प्रक्रिया की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
आउटसोर्स भर्ती में अनियमितता की शिकायत
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न जिलों में कई पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती की जाती है। इनमें जिला मिशन मैनेजर, ब्लॉक मिशन मैनेजर, जिला कार्यक्रम विशेषज्ञ, ब्लॉक कार्यक्रम विशेषज्ञ, लेखा सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑडिट और आजीविका मिशन विशेषज्ञ जैसे पद शामिल हैं।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जिलों में रिक्त पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंचने लगीं।
शिकायत मिलने पर जांच के निर्देश
खबर के मुताबिक, आउटसोर्सिंग पोर्टल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रिया और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई।
बैठक में भर्ती प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए।
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
शासन की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति पूरे प्रकरण की जांच करेगी और भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि गड़बड़ी करने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या है आजीविका मिशन?
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और वित्तीय सहायता से जोड़ने के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और अन्य गतिविधियों के जरिए आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
ऐसे में मिशन के तहत होने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
