Close Menu
News Drift Media
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
News Drift Media
E - Papers
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
News Drift Media
Home»राज्य»उत्तरप्रदेश»उत्तर प्रदेश: अशोक कुमार सिंह बने DG, 1995 बैच के IPS अधिकारी को मिली बड़ी पदोन्नति
उत्तरप्रदेश

उत्तर प्रदेश: अशोक कुमार सिंह बने DG, 1995 बैच के IPS अधिकारी को मिली बड़ी पदोन्नति

NDMBy NDMSeptember 1, 2026Updated:September 1, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Follow Us
Google News Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube WhatsApp Telegram
उत्तर प्रदेश: अशोक कुमार सिंह बने DG, 1995 बैच के IPS अधिकारी को मिली बड़ी पदोन्नति
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। 1995 बैच के IPS अफसर अशोक कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक (DG) रैंक पर प्रोन्नत किया गया है। योगी सरकार ने सोमवार, 1 सितंबर 2026 को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया, जिसे राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद प्रभावी कर दिया गया।

प्रमोशन का पूरा घटनाक्रम

अशोक कुमार सिंह को यह पदोन्नति डीजी फायर सर्विसेज अशोक मुथा जैन के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई रैंक में मिली है। उन्हें पे-मैट्रिक्स लेवल-16 के पद पर प्रोन्नत किया गया है, जो कि भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठतम पदों में से एक माना जाता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने जून 2026 में ही अशोक कुमार सिंह को DG पैनल में शामिल कर लिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उन्हें DG रैंक पर पदोन्नति देकर एक तरह से उनकी ईमानदार छवि और बेहतर कार्यशैली पर मुहर लगाई है। प्रशासनिक हलकों में इस पदोन्नति को उनकी वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर उठाया गया उचित कदम बताया जा रहा है।

कौन हैं IPS अशोक कुमार सिंह?

आईपीएस अशोक कुमार सिंह 1995 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के पुलिस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के भभुआ क्षेत्र स्थित इटाढ़ी गांव के निवासी हैं।

उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से पांचवीं कक्षा तक हुई। इसके बाद उनका दाखिला झारखंड के तिलैया स्थित प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल में हुआ, जहां से उन्होंने इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की। सैनिक स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) में स्नातक की पढ़ाई करते हुए बीएससी ऑनर्स की डिग्री हासिल की। विज्ञान विषय में मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बाद उन्होंने सिविल सेवा के क्षेत्र में कदम रखा और आईपीएस अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया।

अशोक कुमार सिंह की कहानी एक छोटे से गांव से निकलकर पुलिस सेवा के शीर्ष स्तर तक पहुंचने की एक मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।

अब तक निभाई कई अहम जिम्मेदारियां

बिहार के इस छोटे से गांव इटाढ़ी से निकलकर अशोक कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश में अपने उत्तरदायित्व और ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए पुलिस विभाग में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। वे यूपी के कई जिलों में एसएसपी (सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) और एसपी (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) के तौर पर सराहनीय काम कर चुके हैं।

करियर में एक अहम पड़ाव 2019 में आया, जब उन्हें IG (इंस्पेक्टर जनरल) से प्रमोशन देकर ADG (एडिशनल डायरेक्टर जनरल) रैंक पर पदोन्नत किया गया। इसके अलावा, वे केंद्र सरकार में भी करीब 7 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिस दौरान भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।

प्रमोशन का क्या होगा असर

अशोक कुमार सिंह अपनी कार्यशैली और लंबे अनुभव के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस में जाने जाते हैं। उनके DG रैंक पर पदोन्नत होने के बाद प्रदेश पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा और अनुभव जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। उनकी जिम्मेदारी और प्रशासनिक भूमिका को लेकर आने वाले दिनों में और स्पष्टता सामने आएगी, जिसमें यह भी शामिल होगा कि उन्हें किस विशिष्ट विभाग या पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर, सैनिक स्कूल और दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेज से पढ़ाई करते हुए, IPS सेवा में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव हासिल कर DG रैंक तक पहुंचना निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक करियर यात्रा है, जिसे प्रशासनिक और पुलिस जगत में व्यापक सराहना मिल रही है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
NDM
  • Website

Related Posts

UPMSCL: दवा में गड़बड़ी मिली, कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

September 24, 2026

महापौर और नगर आयुक्त की निधि 10-10 करोड़ बढ़ेगी, सुधारों पर जोर

September 24, 2026

यूपी में नई प्रणाली से होंगे वाहनों के चालान

September 24, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

© 2026 Newsdrift - All Right Reserved | Designed & Develoved By Aimsoftnet
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Refund Policy
  • Advertise with us
  • Contact us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.