उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में चलने वाली सरकारी बसों में 60 साल से ऊपर की महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने जा रही है। इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह योजना भाजपा के 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए एक बड़े चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन से ठीक पहले, 26 अगस्त को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत करेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री बुधवार को यहां 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए इस मुफ्त यात्रा योजना का शुभारंभ करेंगे और इसके लिए एक बड़े आयोजन की तैयारी की जा रही है।
यह योजना भाजपा के संकल्प पत्र (घोषणापत्र) में किए गए उन वादों में शामिल थी, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किया गया था।
सरकार पर पड़ेगा 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
भाजपा के इस लोकलुभावन वादे को पूरा करने से राज्य सरकार पर करीब 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की उम्मीद है। दरअसल, वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त टिकट देने से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को जो राजस्व नुकसान होगा, उसकी भरपाई राज्य सरकार खुद निगम को करेगी।
यह कदम अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को साधने की एक अहम कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
हर दिन करीब एक लाख बुजुर्ग महिलाएं करती हैं बस से सफर
यूपीएसआरटीसी के एक सर्वे के मुताबिक निगम की बसों में रोजाना करीब 20 लाख यात्री सफर करते हैं, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 33 फीसदी है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके सर्वे में यह सामने आया है कि हर दिन करीब एक लाख महिलाएं, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, सरकारी बसों में यात्रा करती हैं।
राज्य सरकार इस योजना के लिए जरूरी बजटीय प्रावधान पहले ही कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में उत्तर प्रदेश विधानसभा से पारित अनुपूरक बजट के जरिए इसके लिए धनराशि आवंटित की जा चुकी है।
उम्र सत्यापन बनेगी सबसे बड़ी चुनौती
योजना को लागू करने में यूपीएसआरटीसी के सामने परिचालन संबंधी कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि फिलहाल निगम के पास यात्रियों की उम्र सत्यापित करने के लिए कोई ठोस और फूलप्रूफ व्यवस्था मौजूद नहीं है।
इस बारे में एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल कंडक्टर और टिकट बुकिंग केंद्र 60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को टिकट जारी करते समय उम्र की पहचान के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि आगे चलकर इसके लिए और स्थायी और भरोसेमंद तरीका अपनाए जाने की भी बात कही जा रही है, ताकि योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे और प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
कुल मिलाकर, यह योजना जहां एक तरफ प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक राहत देने वाली साबित होगी, वहीं इसके सफल क्रियान्वयन के लिए यूपीएसआरटीसी को उम्र सत्यापन जैसी व्यावहारिक चुनौतियों से भी प्रभावी ढंग से निपटना होगा।
