कुकरेल वन क्षेत्र में प्रस्तावित देश की पहली नाइट सफारी परियोजना के मूल डिजाइन में बड़ा बदलाव किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की समिति के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े निर्देशों के बाद परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में संशोधन किया जा रहा है। संशोधित डिजाइन में जू (चिड़ियाघर) को शामिल नहीं किया जाएगा।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की कार्यवृत्त के आधार पर DPR में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद लेआउट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव शुरू हो गया है। संशोधित DPR को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर में परियोजना का शिलान्यास हो सकता है।
162 एकड़ में विकसित होगी परियोजना
कुकरेल नाइट सफारी के लिए करीब 162 एकड़ क्षेत्र निर्धारित है। नए डिजाइन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्राकृतिक नालों, जलधाराओं और आद्रभूमि से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई को कम करने के साथ-साथ चिड़ियाघर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना भी रद्द कर दी गई है। अब चिड़ियाघर अपनी मौजूदा जगह पर ही रहेगा।
700 पेड़ों को बचाने की कोशिश
संशोधित योजना में चिड़ियाघर को शिफ्ट करने के बजाय मौजूदा स्थान पर ही रखने का निर्णय लिया गया है। इससे करीब 700 पेड़ों को काटने से बचाया जा सकेगा।
इसके अलावा फोर-लेन सड़क को दो-लेन किए जाने से भी बड़ी संख्या में पेड़ों को बचाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि नई योजना में वन क्षेत्र की संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
प्राकृतिक नालों और जलधाराओं से नहीं होगी छेड़छाड़
परियोजना के नए डिजाइन में प्राकृतिक नालों, जलधाराओं और आद्रभूमि को संरक्षित रखने के निर्देश हैं। परियोजना के तहत एक पेड़ काटने के बदले 10 पेड़ लगाने का नियम भी लागू रहेगा।
अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित DPR में रियल्टी शिफ्ट करने के बजाय डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखा जा सके।
