ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सदस्य देशों के नेताओं का दिल्ली पहुंचना शुरू हो चुका है। इस बड़े आयोजन के मद्देनजर राजधानी को पूरी तरह अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। जिनपिंग का यह भारत दौरा करीब सात साल बाद हो रहा है, इससे पहले वे अक्टूबर 2019 में प्रधानमंत्री मोदी के साथ चेन्नई में शिखर वार्ता के लिए आए थे।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जिनपिंग शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद 13 सितंबर की शाम वापस लौट जाएंगे। इस दौरान शनिवार शाम सम्मेलन के इतर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना जताई जा रही है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात आज
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को दिल्ली पहुंचेंगे और इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में भारत के अलावा कुल 25 देश हिस्सा लेंगे, जिनमें से 13 राष्ट्राध्यक्ष होंगे। इनमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देश, 10 ब्रिक्स सहयोगी देश और विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के पांच अध्यक्ष देश शामिल हैं।
शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के नाम प्रमुख हैं। यूएई की तरफ से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिन जायद अल नाहयान भी हिस्सा लेंगे, वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। हालांकि, बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की संभावना से इनकार कर दिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम — दिल्ली किले में तब्दील
सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी खतरे से निपटने के लिए आसमान से जमीन तक सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन ब्रिक्स कवच’ नाम से एक मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी की। सम्मेलन स्थल भारत मंडपम के आसपास करीब 15 हजार जवानों को तैनात किया गया है।
इसके साथ ही दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में 11 से 13 सितंबर तक गैर-नियमित उड़ानों पर रोक रहेगी। इसके तहत निजी विमान, चार्टर विमान और बिना तय समय-सारिणी वाली विशेष उड़ानों पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का कार्यक्रम
- शिखर सम्मेलन शनिवार दोपहर 2:35 बजे बंद कमरे के सत्र से शुरू होगा
- नेता ‘भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन’ देखने जाएंगे, जो शाम 4:25 बजे शुरू होगी
- सभी नेता शाम 5:05 बजे भारत मंडपम में समूह तस्वीर खिंचवाएंगे
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7:30 बजे रात्रिभोज देंगे
- रविवार सुबह 10:35 बजे सामूहिक तस्वीर ली जाएगी
- ‘समावेशी वैश्विक प्रगति के लिए भविष्य को आकार देना’ विषय पर खुला सत्र सुबह 10:50 बजे से आयोजित होगा
- नई दिल्ली घोषणापत्र जारी होने के साथ शिखर सम्मेलन का समापन होगा
रक्षा क्षेत्र में बड़ी हलचल: ब्रह्मोस की तर्ज पर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर बातचीत संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में लड़ाकू विमान के सह-उत्पादन पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, रूस से पांचवीं पीढ़ी के विमान के सह-उत्पादन के लिए ब्रह्मोस मिसाइल की तर्ज पर ही आगे बढ़ने की योजना है — जैसे भारत और रूस ने ब्रह्मोस मिसाइल के लिए संयुक्त उपक्रम स्थापित किया था, उसी तर्ज पर पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान भी देश में निर्मित हो सकता है। इस विमान में एसयू-57 शामिल हो सकता है, या यह किसी अन्य नाम से भी सामने आ सकता है।
गौरतलब है कि ब्रह्मोस के अलावा भारत और रूस संयुक्त रूप से एके-203 राइफल का भी उत्पादन कर रहे हैं। यदि लड़ाकू विमान को लेकर भी सहमति बनती है, तो यह दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में तीसरा संयुक्त उपक्रम होगा।
रूस ने भी इस मामले में सैद्धांतिक सहमति जताई है। रूस पहले से ही पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान एसयू-57 तैयार कर चुका है और इसे भारत को बेचने का इच्छुक है। लेकिन भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रणनीति में बदलाव किया है और अब देश में ही रक्षा साजो-सामान के निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है।
राफेल सौदे पर भी बातचीत जारी
‘द साल्ट’ के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर जिस समझौते पर बातचीत चल रही है, उसमें भी 96 विमानों का निर्माण कम से कम 50 फीसदी स्वदेशी सामान के साथ भारत में करने की शर्त शामिल है। यह सौदा तात्कालिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, लेकिन भारत अपनी दीर्घगामी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी जेट तैयार करने के लक्ष्य पर भी काम कर रहा है।
हाल ही में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भारतीय मीडिया के साथ ऑनलाइन वार्ता में कहा था कि भारत को एसयू-57 बेचना रूस के एजेंडे में जरूर है, लेकिन भारत के साथ रूस की साझेदारी सिर्फ खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि सह-उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण पर भी विकल्प खुले रखे गए हैं।
रक्षा मंत्रालय के पास दूसरे कई विकल्प
डीआरडीओ की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी भी पांचवीं पीढ़ी के विमान की संभावनाओं पर काम कर रही है, जो बिना किसी देश की मदद से संभव होगा। रूस से बातचीत के अलावा रक्षा मंत्रालय ने अन्य विकल्प भी खुले रखे हैं, जिनमें जापान और फ्रांस समेत अन्य देश शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने तैयारियों का वीडियो साझा किया
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की झलक दिखाने वाला एक वीडियो साझा किया, जिसमें दिल्ली स्थित भारत मंडपम को सजाए जाने और आयोजन स्थल पर अंतिम तैयारियों के दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो साझा करते हुए मोदी ने लिखा — “ब्रिक्स 2026 के लिए पूरी तरह तैयार!”
