एसडीएम न्यायालय में अहमद फौजदारी लिपिक के पद पर तैनाती कराने का भरोसा देकर दो लाख रुपये लेने के आरोप में हसनपुर के तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर गोरखपुर के पद पर तैनात सुदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि तैनाती नहीं होने पर जब रुपये वापस मांगे गए तो पीड़ित को धमकाया गया। पुलिस ने अदालत के आदेश पर धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नगर के लालबाग निवासी मोहम्मद यूनुस वर्ष 2024 में तहसील में उर्दू अनुवादक एवं सहायक वासिल बाकीनवीस के पद पर तैनात थे। यूनुस का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार सुदीप कुमार ने एसडीएम न्यायालय में अहमद फौजदारी लिपिक के पद पर उनकी तैनाती कराने का भरोसा दिया था। इसके एवज में उनसे दो लाख रुपये की मांग की गई।
यूनुस के मुताबिक, उन्होंने अपने परिचित कामिल सैफी के माध्यम से एक जनवरी 2024 को दो लाख रुपये तहसीलदार को भिजवाए। इसके बावजूद संबंधित पद पर उनकी तैनाती नहीं हुई। जब उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उन्हें टरकाया गया और बाद में धमकी भी दी गई।
मामले में शिकायत के बाद अदालत की शरण ली गई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब रुपये के लेन-देन, तैनाती का भरोसा दिए जाने और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है।