लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इटौंजा क्षेत्र स्थित शार्प ग्लोबल स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश शिक्षा विभाग से की गई है। स्कूल के प्रबंधक, प्रिंसिपल और शॉर्ट सर्किट से जली बस के चालक के खिलाफ इटौंजा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच में सामने आया कि स्कूल की 18 बसों में से 14 बिना फिटनेस, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के चल रही थीं। इन सभी बसों को सीज कर दिया गया है।
शनिवार सुबह हुआ हादसा
शनिवार सुबह स्कूल की मिनी बस (यूपी-81-बीटी-6203) बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तभी इंजन से अचानक धुआं उठा और आग की लपटें निकलने लगीं। बस में सवार तीन बच्चे झुलस गए। बस चालक जमखनवा निवासी सुरेश ने बताया कि मरम्मत के बाद बस आगे बढ़ी, लेकिन बगहा के पुरवा पहुंचते ही तार में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। आसपास के ग्रामीण दौड़े और चीख सुनकर बच्चों को बाहर निकाला। बेहोश हुए बच्चों के चेहरे पर पानी के छींटे मारकर उन्हें होश में लाया गया। अभिभावकों को सूचना दी गई। झुलसे वेदांत को सीएचसी ले जाया गया, जबकि अभिषेक और सृष्टि के हल्का झुलसने के कारण परिजन उन्हें घर ले गए। इस हादसे में पांच साल के बच्चे का हाथ झुलसा और दो अन्य बच्चे भी जख्मी हुए।
एआरटीओ प्रवर्तन ने दर्ज कराया केस
जांच के बाद एआरटीओ प्रवर्तन आलोक यादव ने इटौंजा थाने में शार्प ग्लोबल स्कूल के प्रबंधक, प्रिंसिपल और मिनी बस चालक सुरेश कुमार द्विवेदी के खिलाफ तहरीर दी। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव ने बताया कि इस तहरीर पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वाहन थाने ले जाने पर विवाद
जांच के बाद जब वाहन को थाने लाया जा रहा था, तब टोल प्लाजा के पास गौरव तिवारी और अमर अवस्थी सहित 10-12 अज्ञात लोग पहुंच गए। उन्होंने वाहन को थाने न ले जाने देने के लिए इंस्पेक्टर रामविलास से विवाद किया और जबरन वाहन को स्कूल में ले गए। पुलिस टीम से अभद्रता करने पर गौरव, अमर सहित 10-12 अज्ञात के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया है। सीज बसों को थाने पर खड़ा कराया जा रहा है।
स्कूल परिसर में खड़ी 17 अन्य बसों की भी जांच
घटना के बाद एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने पुलिस के साथ घटनास्थल पर जाकर क्षतिग्रस्त बस की जांच की। इसके बाद स्कूल में खड़ी 17 अन्य बसों की भी जांच की गई। एआरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि जांच में स्कूल की ओर से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। स्कूल में खड़ी 17 में से 13 बसों का फिटनेस, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की अवधि खत्म हो चुकी थी। परमिट भी वैध नहीं मिले। फिर भी इनका संचालन किया जा रहा था। इन 13 सहित क्षतिग्रस्त बस को सीज कर दिया गया। शेष चार के चालान किए गए।
परिवहन कार्यालय में पंजीकृत भी नहीं
आरटीओ प्रवर्तन के अनुसार जांच से पता चला कि जो मिनी बस जली है, वह एटा जिले के कार्यालय में पंजीकृत है। वाहन के संबंध में एनओसी 31 जुलाई 2025 को लखनऊ के लिए प्राप्त की गई थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उक्त वाहन को लखनऊ स्थित आरटीओ में पंजीकृत नहीं कराया। फिटनेस 12 जनवरी, बीमा 05 जनवरी 2026 और प्रदूषण 18 नवंबर 2025 को समाप्त हो चुका था। परमिट भी वैध नहीं मिला।
बस दुरुस्त नहीं कराई
अभिभावक रमेश तिवारी, राजेंद्र मिश्रा, केशव, रामकृष्ण गुप्ता, विकास बाबू शुक्ला और शिवा शुक्ला का आरोप है कि स्कूल की बसें खस्ताहाल हैं। चलते समय कई बार खराब हो चुकी हैं। स्कूल प्रबंधक से कई बार शिकायत की, लेकिन प्रबंधक ने ध्यान नहीं दिया। अभिभावकों का यह भी आरोप है कि बसें आए दिन खराब होती रहती हैं।
कुशलक्षेम जाना
स्कूली बस में लगी आग से झुलसे स्कूली बच्चे के घर जाकर एआरटीओ आलोक कुमार यादव ने उसका कुशल क्षेम जाना। परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी।
स्कूली वाहनों से हादसे
- 10 अगस्त 2026: नगराम में श्री एमएल बाल विद्या मंदिर की वैन नाले में पलटी। ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला। बिना परमिट संचालन व लापरवाही आई सामने।
- 24 फरवरी 2026: बीकेटी में आदर्श सरस्वती जूनियर हाई स्कूल की वैन पानी की टंकी से टकराकर पलटी। क्षमता से अधिक 18 बच्चे बिठाने व लापरवाही से हादसा।
- 8 अक्टूबर 2025: मोहनलालगंज में न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज की वैन डीसीएम की टक्कर से क्षतिग्रस्त। सुरक्षा मानकों की अनदेखी आई सामने।
- 3 अक्टूबर 2025: महानगर में माउंट कार्मेल कॉलेज की वैन की एसयूवी से भिड़ी। ओवरलोडिंग व इमरजेंसी गेट न होने से फंस गए थे बच्चे।
- 9 अगस्त 2024: शहीद पथ पर सीएमएस के 12 बच्चों को ले जा रही वैन का टायर फटा। ओवरस्पीडिंग, घिसे टायर के कारण 6 बच्चे हुए घायल।
लगातार चला रहा अभियान
स्कूली वाहनों की फिटनेस और छात्राओं के लाने और ले जाने वाली स्कूली बसों में महिला सहायक की अनिवार्यता को लेकर परिवहन विभाग का अभियान 12 सितंबर से चल रहा है। तीन दिन चलाए गए अभियान में एक दर्जन से अधिक स्कूलों में जाकर परिवहन विभाग के प्रवर्तन दस्ते ने 131 स्कूल वाहनों की जांच की। टीम ने 37 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके चालान किए।
