हिंद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी डॉ. रिचा मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए गए। पदाधिकारियों ने दावा किया कि दोनों ने मिलकर ट्रस्ट के साथ करीब 96 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला और आपराधिक षड्यंत्र किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों ने न्यायालयी आदेशों, बैंक अभिलेखों, एफआईआर और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि जांच में कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के संचालन के दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी कर बैंक खातों से बड़ी रकम का गबन किया गया।
पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी, जो सफेदाबाद स्थित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज तथा सीतापुर स्थित एक मेडिकल कॉलेज का संचालन करता है। डॉ. आमोद कुमार सचान इस ट्रस्ट के ट्रस्टी और अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि डॉ. रिचा मिश्रा को बाद में ट्रस्टी पद से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले भी लखनऊ के कैसरबाग थाने में डॉ. सचान और उनकी पत्नी सहित कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज हो चुका है, जो अदालत के आदेश पर दर्ज किया गया था।
दोनों पक्षों में जारी है विवाद
यह मामला नया नहीं है — पिछले कुछ महीनों से ट्रस्ट को लेकर विवाद लगातार गरमाया हुआ है। इससे पहले भी हिंद इंस्टीट्यूट परिसर में ट्रस्टियों के बीच टकराव और कब्जे की कोशिश जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके चलते प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। डॉ. सचान और डॉ. मिश्रा की ओर से भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व में सफाई दी जा चुकी है, जिसमें उन्होंने विवाद के पीछे ट्रस्ट के कुछ पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका होने का दावा किया था।
आगे की कार्रवाई
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
