उत्तर प्रदेश में नेताओं और महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 52 नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती समेत कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हैं।
बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वालों में प्रदेश सरकार के 11 मंत्री भी शामिल हैं। इनमें संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और ओम प्रकाश राजभर के अलावा अपर्णा यादव का नाम भी बताया गया है। स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह और महेंद्र सिंह समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी इस सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा पर जोर
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के साथ नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इसी क्रम में सुरक्षा मुख्यालय की ओर से बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में आठ नेताओं को, जबकि दूसरे चरण में 44 नेताओं कोबुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रदेश में 98 लोगों को अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 98 नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को अलग-अलग सुरक्षा श्रेणियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें वाई से लेकर जेड और जेड प्लस श्रेणी तक की सुरक्षा शामिल है। इन्हीं सुरक्षा प्राप्त लोगों में से 52 को बुलेटप्रूफ जैकेट देने की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा मुख्यालय की ओर से हर साल सुरक्षा जरूरतों के आधार पर बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की जाती है। आमतौर पर इनका इस्तेमाल सुरक्षा प्राप्त लोगों के साथ तैनात सुरक्षाकर्मियों की जरूरत के अनुसार किया जाता है। इस बार सुरक्षा आकलन के आधार पर बड़ी संख्या में नेताओं को भी बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया फैसला
बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने का फैसला नेताओं की सुरक्षा जरूरत और खतरे के आकलन से जुड़ा है। सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा की समीक्षा करती हैं और उसी के आधार पर सुरक्षा उपकरणों की जरूरत तय की जाती है।
प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों और आगामी चुनावी दौर को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की यह कवायद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की सुरक्षा का स्तर और उसके लिए किए गए विशेष सुरक्षा इंतजाम सुरक्षा एजेंसियों के आकलन और संबंधित नियमों के आधार पर तय होते हैं।
