उत्तर प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय कारोबार के क्षेत्र में अपनी बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन किया है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में प्रदेश के उत्पादों और कारोबारी संभावनाओं को वैश्विक मंच मिला। 25 से 29 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय ट्रेड शो में शुरुआती चार दिनों में करीब ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते (MoUs) हुए हैं।
विदेशी खरीदारों ने दिखाई रुचि
आयोजन से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, 28 सितंबर तक करीब 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग ₹5,500 करोड़ के कारोबारी समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके थे। इसके अलावा देश-विदेश के खरीदारों और कंपनियों की ओर से लगभग ₹12,500 करोड़ के कारोबार संबंधी पूछताछ भी दर्ज की गई है।
आयोजकों के मुताबिक, ट्रेड शो के अंतिम दिन भी कारोबार और निवेश से जुड़े समझौतों तथा पूछताछ का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
35 हजार से अधिक बिजनेस मीटिंग
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के अपर महानिदेशक सुविध शाह के अनुसार, 28 सितंबर तक ट्रेड शो में कुल 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित हो चुकी थीं।
इन बैठकों में कारोबारियों, खरीदारों और कंपनियों के बीच विभिन्न उत्पादों और व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा हुई। आयोजकों के अनुसार, इससे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में कारोबारी भागीदारी में बढ़ोतरी देखने को मिली।
यूपीआईटीएस बना कारोबार का नया केंद्र
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को देश और विदेश के खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया गया। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिला।
आयोजकों का कहना है कि UPITS 4.0 में कारोबारी गतिविधियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की भागीदारी भी देखने को मिली।
महिला समूहों के उत्पादों को भी मिला मंच
ट्रेड शो में महिला स्वयं सहायता समूहों और नामी कंपनियों के बीच भी कारोबारी समझौते हुए। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में महिला समूहों से जुड़े उत्पादों के संबंध में समझौते किए गए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि अगले शिक्षा सत्र से रेड क्रॉस प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए ड्रेस तैयार करने का काम महिला समूहों को देने की तैयारी है।
मौर्य के मुताबिक, मौजूदा समय में महिला समूहों के बीच करीब 30 MoUs हुए हैं और इन समझौतों की लगातार निगरानी की जाएगी।
निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से प्रदेश के छोटे-बड़े उद्यमियों, निर्यातकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को नए बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कारोबारी समझौतों और निवेश संबंधी पूछताछ में बढ़ोतरी से प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना पर भी जोर दिया गया है।
