Close Menu
News Drift Media
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
News Drift Media
E - Papers
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
News Drift Media
Home»राष्ट्रीय»भारत पर 100% टैरिफ की धमकी! रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका का नया दांव
राष्ट्रीय

भारत पर 100% टैरिफ की धमकी! रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका का नया दांव

NDMBy NDMAugust 9, 2026No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Follow Us
Google News Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube WhatsApp Telegram
भारत पर 100% टैरिफ की धमकी!  रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका का नया दांव
टैरिफ
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

100% टैरिफ की धमकी: 9 अगस्त 2026 को अमेरिकी सीनेट ने एक ऐसा विधेयक पारित किया है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस सूची में भारत भी शामिल है, जो रूस से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। यह विधेयक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और चल रही व्यापार वार्ता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है ।

विधेयक का नाम और पृष्ठभूमि

  • इस विधेयक का औपचारिक नाम “लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026”  है।
  • यह विधेयक स्वर्गीय रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम (जिनका 11 जुलाई 2026 को निधन हो गया था) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के साथ मिलकर इसे तैयार किया था।
  • मूल रूप से यह विधेयक “सैंक्शनिंग रशिया एक्ट” के नाम से 2025 में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध में रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था।
  • सीनेट ने इसे 86-11 मतों से पारित किया, जो इसका व्यापक द्विदलीय समर्थन दर्शाता है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

  1. टैरिफ प्राधिकार: राष्ट्रपति को रूस से कच्चे तेल या गैस के शीर्ष पाँच आयातक देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का विवेकाधीन अधिकार मिलता है। वर्तमान में ये पाँच देश हैं — चीन, भारत, अज़रबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया।
  2. स्वचालित नहीं: यह टैरिफ स्वतः लागू नहीं होगा। पहले विधेयक को कानून बनना होगा, उसके बाद राष्ट्रपति के पास यह तय करने का अधिकार होगा कि टैरिफ लगाना है या नहीं।
  3. छूट का प्रावधान: जो देश रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात के 15 प्रतिशत से कम मात्रा खरीदते हैं और रूसी ऊर्जा पर निर्भरता घटाने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहे हैं, वे छूट के लिए पात्र हो सकते हैं।
  4. राष्ट्रपति को छूट देने की शक्ति: राष्ट्रपति के पास यह अधिकार भी है कि यदि वे इसे अमेरिकी राष्ट्रीय हित में उचित समझें तो प्रतिबंध या टैरिफ माफ कर सकते हैं।
  5. ईरान प्रतिबंध अधिनियम का विस्तार: यह विधेयक 1996 के ईरान प्रतिबंध अधिनियम (Iran Sanctions Act) की समाप्ति तिथि को बढ़ाकर 2031 तक कर देता है, जो ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को दंडित करता है।
  6. रूस पर सीधे प्रतिबंध: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूसी कुलीन वर्ग (oligarchs), वरिष्ठ अधिकारियों और क्रेमलिन से जुड़े वित्तीय संस्थानों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं।

भारत ही निशाने पर क्यों?

  • 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदारों में शामिल हो गया, जिससे भारतीय रिफाइनरियों को लागत नियंत्रित करने और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिली।
  • पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने पर भारत की रूसी तेल पर निर्भरता और बढ़ गई।
  • अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर रूसी तेल खरीद के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिससे कुछ भारतीय निर्यातों पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुँच गया।
  • इसके बावजूद आयात घटने के बजाय बढ़ा — जून 2026 में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात 34 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, क्योंकि ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अस्थायी रूप से छूट दी थी।
  • भारत सरकार का रुख स्पष्ट रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा से निर्देशित है, न कि किसी भू-राजनीतिक गठबंधन से।

अमेरिकी सांसदों की प्रतिक्रियाएँ

  • सीनेटर डार्लिन ग्राहम (जिन्हें अपने दिवंगत भाई की सीनेट सीट पर नियुक्त किया गया) ने कहा कि यह विधेयक “रूस की अर्थव्यवस्था को चालू रखने वाले” देशों को अमेरिका के साथ व्यापार या सस्ती रूसी ऊर्जा में से एक चुनने के लिए मजबूर करता है।
  • सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसे रूस के यूक्रेन युद्ध में शामिल लोगों के विरुद्ध “करारा प्रहार” बताया।
  • वहीं डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर ने चेतावनी दी कि यह विधेयक ट्रंप को व्यापक टैरिफ शक्तियाँ देता है, जिनका वे मनमाने ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसका बोझ अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
  • रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल और डेमोक्रेटिक सीनेटर रॉन वाइडेन ने रणनीतिक आधार पर 100 प्रतिशत टैरिफ प्रावधान का विरोध किया, यह तर्क देते हुए कि इससे भारत के साथ अमेरिकी संबंधों में तनाव आ सकता है, जबकि नई दिल्ली की ऊर्जा नीति पर इसका बहुत असर नहीं पड़ेगा।

आगे क्या होगा?

  • अब यह विधेयक प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में जाएगा, जो 31 अगस्त 2026 को सत्र फिर शुरू होने पर इस पर विचार करेगी।
  • कानून बनने के लिए इसे प्रतिनिधि सभा से पारित होना और फिर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी।
  • सीनेटर ब्लूमेंथल ने संकेत दिया है कि सीमित मात्रा में रूसी गैस खरीदने वाले देशों को कुछ शर्तों के तहत छूट मिल सकती है — छूट का अंतिम स्वरूप ही यह तय करेगा कि भारत पर इसका कितना प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा।
  • भारत-अमेरिका के बीच फरवरी 2026 में हुए एक अंतरिम व्यापार समझौते में भारतीय निर्यात पर पारस्परिक टैरिफ दर घटाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था, जिसके बदले भारत को अमेरिकी ऊर्जा और प्रौद्योगिकी की खरीद बढ़ानी थी — परंतु इसका क्रियान्वयन बाधित रहा है।

निष्कर्ष

यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है, और इसके प्रभावी होने की राह में प्रतिनिधि सभा की मंजूरी तथा राष्ट्रपति के विवेकाधीन निर्णय जैसी कई बाधाएँ शेष हैं। फिर भी, यह भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नई अनिश्चितता पैदा करता है और आने वाले हफ्तों में भारतीय विदेश एवं वाणिज्य मंत्रालय की कूटनीतिक सक्रियता महत्वपूर्ण होगी।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
NDM
  • Website

Related Posts

अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर फिर हमला, नांदेड़ के गुरुद्वारे में निहंग ने कृपाण से किया वार

August 13, 2026

जस्टिस यशवंत वर्मा नकदी कांड: संसदीय जांच समिति ने तीनों आरोप सही पाए

August 13, 2026

VB-G RAM G के पहले महीने में ग्रामीण रोजगार में करीब 50% की गिरावट

August 10, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

© 2026 Newsdrift - All Right Reserved | Designed & Develoved By Aimsoftnet
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Refund Policy
  • Advertise with us
  • Contact us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.