NEET पेपर लीक: 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे, और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे 22 लाख छात्रों में भारी गुस्सा भड़का।
जांच में क्या मिला
CBI ने जांच तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की। CBI ने बताया कि उसने NEET-UG 2026 पेपर लीक के कथित “सरगना” पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया, जिन पर आरोप है कि वे पुणे में अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाते थे, जहां छात्रों को सवाल, विकल्प और सही जवाब पहले से लिखवाए जाते थे — जो बाद में असली परीक्षा से मेल खाते थे। इसके बाद CBI टीम महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग संस्थान के निदेशक से भी पूछताछ करने पहुंची।
एक कमेंट से शुरू हुआ जन-आंदोलन (CJP)
यहीं से कहानी में एक अप्रत्याशित मोड़ आया। मई 2026 में भारत के मुख्य न्यायाधीश से जोड़ी गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की गई बताई गई (जिसे बाद में गलत तरीके से उद्धृत किया गया कहा गया) — नाराज़ Gen-Z युवाओं ने इस लेबल को ही एक व्यंग्यात्मक प्रतीक बना लिया, और “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) नाम का आंदोलन खड़ा कर दिया।
छात्र नेता अभिजीत दीपके ने इस गुस्से को आवाज देते हुए 20 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, और 28 जून को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। यह आंदोलन धीरे-धीरे मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पटना जैसे शहरों तक फैल गया, और पत्रकार सौरव दास को जून 2026 में CJP का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया, विजेता दहिया व आशुतोष रांका सह-प्रवक्ता बने।
प्रशासनिक कार्रवाई: 47 अधिकारी बर्खास्त
आंदोलन के दबाव में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया — उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजे जाने के एक दिन बाद, NTA के कम से कम 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया, और कुछ के खिलाफ कानूनी व आपराधिक कार्रवाई की तैयारी की गई।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। कोर्ट ने केंद्र को कड़ी चेतावनी दी — शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि परीक्षाओं में हो रही बार-बार की गलतियों पर अब विराम लगना ही चाहिए, और ऐसी व्यवस्था आगे नहीं चल सकती। हालांकि, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दाखिल याचिका पर कोर्ट ने सीधे दखल देने से इनकार कर दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ी।
नया सख्त कानून: कैबिनेट से मंजूरी
24 जुलाई 2026 को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के संशोधित मसौदे को मंजूरी दे दी। नए प्रावधान में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है, और इसे 27 जुलाई को संसद में पेश करने की योजना है।
बड़ा झटका: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
25-26 जुलाई को घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ आया। 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजा, और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी की सलाह पर इस इस्तीफे को स्वीकार कर लिया। इसके बदले में CJP ने अपनी बची हुई मांगें माने जाने पर आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया — जिनमें पेपर लीक के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवज़ा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना शामिल था।
26 जुलाई को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्री का पदभार संभाल लिया, और कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी दायित्व और विनम्रता की भावना से स्वीकार की है।
परीक्षा का तरीका बदलेगा (CBT मोड):
इसके पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि 2027 से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित (CBT) प्रारूप में आयोजित की जाएगी, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगे और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
आंदोलन का असर और आगे की चुनौती
आंदोलन की तीव्रता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि CJP ने महज 36 दिन के आंदोलन में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े पूरे तंत्र में बड़ी “सफाई” करा दी, और मंत्री के इस्तीफे के बाद कहा कि यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है। प्रदर्शन के चरम पर सोनम वांगचुक अस्पताल में भी भूख हड़ताल जारी रखे हुए थे, और सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर के 1.5 किमी दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने का फैसला लिया गया।
राजनीतिक तौर पर विपक्ष भी हमलावर रहा — राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वालों को सजा दिए जाने की मांग की।
संक्षेप में — अब तक का पूरा सफर (अपडेटेड)
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 3 मई 2026 | NEET-UG परीक्षा; लीक के आरोप |
| 12 मई 2026 | परीक्षा रद्द, 22 लाख छात्र प्रभावित |
| मई 2026 | CJI की “कॉकरोच” टिप्पणी विवाद; CJP जन्म |
| मई 2026 | CBI ने कथित सरगना पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया |
| 20 जून 2026 | जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू |
| 28 जून 2026 | सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे |
| 24 जुलाई 2026 | कैबिनेट ने सख्त पेपर लीक बिल मंजूर किया |
| 24-25 जुलाई 2026 | NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त |
| 25 जुलाई 2026 | धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा |
| 26 जुलाई 2026 | प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री पद संभाला; CJP ने आंदोलन खत्म किया |
| 27 जुलाई 2026 (प्रस्तावित) | संशोधित पेपर लीक बिल संसद में पेश होगा |
जो शुरुआत में एक परीक्षा-प्रशासनिक मुद्दा था, वह जांच, बर्खास्तगी और कानून-सुधार से आगे बढ़कर एक बड़े जन-आंदोलन और आखिरकार केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे तक जा पहुंचा। नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के सामने अब चुनौती है कि पेपर लीक रोकने के वादों — जैसे 2027 से CBT मोड और सख्त कानून — को ज़मीन पर उतारा जाए, ताकि भरोसा फिर से बन सके।
