महंगा हुआ पेट्रोल– आम आदमी की जेब पर एक और चोट। मंगलवार 19 मई 2026 की सुबह से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा हो गया। तेल कंपनियों ने पेट्रोल में लगभग 87-91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की है। खास बात यह है कि इससे पहले सिर्फ 5 दिन पहले — 15 मई को — पेट्रोल-डीजल पहले ही 3 रुपये प्रति लीटर महंगे हो चुके थे। यानी एक सप्ताह के भीतर ईंधन की दो बार कीमत बढ़ाई गई।
इस मूल्यवृद्धि के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हैं:
1. पश्चिम एशिया में युद्ध का असर — मध्यपूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति मार्गों में रुकावट आई है। जलमार्गों पर तनाव से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल ₹110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
2. तेल कंपनियों का घाटा — भारतीय पेट्रोलियम कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) करीब 10 हफ्तों से पुरानी दरों पर ही ईंधन बेच रही थीं जबकि उनकी खरीद लागत लगातार बढ़ रही थी। 15 मई की ₹3 की बढ़ोत्तरी से भी उनका पूरा घाटा नहीं भरा, इसीलिए आज फिर दाम बढ़ाने पड़े।
3. रुपये में कमजोरी — रुपये की विनिमय दर में गिरावट के कारण डॉलर में खरीदे जाने वाले कच्चे तेल की लागत और बढ़ जाती है, जो सीधे पंप की कीमतों पर असर डालती है।
- बस, ऑटो, टैक्सी किराया बढ़ने की आशंका
- सब्जी, फल, दूध, राशन महंगे होंगे
- किसानों की उत्पादन लागत बढ़ेगी
- माल ढुलाई महंगी, बाजार में महंगाई का दबाव
- स्कूल वाहनों का खर्च बढ़ सकता है
- CNG भी ₹2 महंगी — डबल झटका
वैकल्पिक ईंधन अपनाएं
सरकार ने लोगों को वैकल्पिक कुकिंग फ्यूल अपनाने की भी सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा कि लोग PNG, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों का ज्यादा इस्तेमाल करें, ताकि LPG पर निर्भरता कम हो सके।
