Close Menu
News Drift Media
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
News Drift Media
E - Papers
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खबर विशेष
  • खेल
  • राज्य
  • रोजगार
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • ई पत्रिका
  • राष्ट्रीय
  • …
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • सोशल
News Drift Media
Home»राज्य»उत्तरप्रदेश»UP-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026: लखनऊ में लिखा गया भारत-जापान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय
उत्तरप्रदेश

UP-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026: लखनऊ में लिखा गया भारत-जापान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय

NDMBy NDMAugust 21, 2026No Comments6 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Follow Us
Google News Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube WhatsApp Telegram
UP-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026: लखनऊ में लिखा गया भारत-जापान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी औद्योगिक और वैश्विक निवेश केंद्र बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अभियान को जापान के साथ आर्थिक साझेदारी से नई रफ्तार मिली है। 21 अगस्त 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुए मुख्य राज्य-स्तरीय निवेश सम्मेलन के साथ ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई। पांच दिवसीय इस आयोजन ने प्रदेश और जापान के बीच निवेश, तकनीक और रोजगार के मोर्चे पर एक नई साझेदारी की नींव रख दी है।

पांच दिन, पांच शहर — कैसे हुआ पूरा आयोजन-

इन्वेस्ट यूपी की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम 18 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, आगरा और वाराणसी में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। जापान से 200 से अधिक बड़े उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता इसमें शामिल हुए, जिनका नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं।

  • 18 अगस्त: जापानी प्रतिनिधिमंडल का नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया।
  • 19 अगस्त: दिल्ली के ताज पैलेस में हाई-लेवल सीईओ राउंडटेबल और उद्घाटन सत्र आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
  • 20 अगस्त: प्रतिनिधिमंडल ने आगरा में ताजमहल का दीदार किया, साथ ही निवेश, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, एमएसएमई और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पर व्यापक संवाद हुआ।
  • 21 अगस्त: लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्य राज्य-स्तरीय निवेश सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (G2B) और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मैचमेकिंग सत्र हुए।
  • 22-23 अगस्त: प्रतिनिधिमंडल का दौरा ग्रेटर नोएडा और वाराणसी तक जारी रहेगा।

लखनऊ में आज क्या-क्या हुआ

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत जापानी प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट के साथ हुई। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्योग, कृषि, हेल्थकेयर और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित चार सेक्टोरल सेशन आयोजित किए गए, जो आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। कार्यक्रम का समापन सत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया।

इसके साथ ही यहां एक खास एक्जीबिशन एंड ओडीओपी एक्सपीरियंस सेंटर भी लगाया गया, जहां जापानी मेहमानों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक ताकत से रूबरू कराया गया। इस प्रदर्शनी में यूपीनेडा, पर्यटन, शिक्षा, इन्वेस्ट यूपी, श्रम, आईटी एवं स्टार्टअप, ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और कौशल विकास से जुड़े स्टॉल लगाए गए। साथ ही एकेटीयू, आईआईटी बीएचयू और आईआईटी कानपुर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, यानी एक ही मंच पर यूपी के उत्पाद, तकनीक, शिक्षा, स्टार्टअप और निवेश के अवसर जापानी प्रतिनिधियों के सामने रखे गए।

किन सेक्टरों पर है सबसे ज्यादा फोकस

सरकार जापानी निवेश को सिर्फ ऑटोमोबाइल क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती। पूरे आयोजन के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा, क्लीन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, विनिर्माण, कुशल मानव संसाधन, आधुनिक अवसंरचना और उन्नत तकनीक — इन चार स्तंभों पर जापान के साथ आर्थिक साझेदारी टिकी हुई है।

बड़ी घोषणाएं और निवेश प्रस्ताव

इस आयोजन के दौरान दो बड़ी जापानी कंपनियों — एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन — की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई:

  • एस्कॉर्ट्स कुबोटा: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के सेक्टर-10 में करीब 2,025 करोड़ रुपये की परियोजना, जिससे 3,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
  • मिंडा कॉरपोरेशन: यीडा के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं, जिनमें कुल 1,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इनसे करीब 6,440 रोजगार मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं में इग्निशन स्विच-कम-स्टियरिंग लॉक, मेकाट्रॉनिक कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस और संबंधित कनेक्शन सिस्टम का निर्माण होगा।

दोनों कंपनियों की परियोजनाओं को मिलाकर कुल ₹3,191 करोड़ का निवेश और 10 हजार से अधिक संभावित रोजगार उत्तर प्रदेश में जापानी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

यीडा में बनेगी 500 एकड़ की ‘जापानी सिटी’

आयोजन की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 500 एकड़ में एक समर्पित ‘जापानी सिटी’ विकसित करने की योजना। इसका मकसद जापानी कंपनियों को एक ही जगह विशेष औद्योगिक इकोसिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी और अनुकूल कारोबारी माहौल मुहैया कराना है, ताकि वे उत्तर प्रदेश को अपने मैन्युफैक्चरिंग कामकाज के लिए दीर्घकालिक ठिकाना बना सकें।

कुबोटा कॉरपोरेशन और कंपनियों की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में कुबोटा कॉरपोरेशन, जापान के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हानाडा ने नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की ग्राउंड ब्रेकिंग को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी, और राज्य सरकार ‘रिलायबल पार्टनर’ के तौर पर हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से जुड़ा है यह आयोजन

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के अपने बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योगपतियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता का सिलसिला शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और जापान की सोच और मूल्य एक जैसे हैं, और दोनों देशों की साझेदारी विकास, तकनीक और समृद्धि के लिए है। उन्होंने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के बड़े बाजार, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक आधार और कुशल मानव संसाधन का हवाला देते हुए निवेश का न्योता दिया, और प्रदेश को जापान के “दूसरे औद्योगिक घर” (Second Industrial Home) के तौर पर पेश किया।

केंद्र सरकार का भी समर्थन

विदेश मंत्रालय ने भी इस आयोजन को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, भारत और जापान के बीच यह प्रयास रहा है — खासकर प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के दौरान विशेष जोर दिया गया — कि जापान के विभिन्न प्रीफेक्चर के गवर्नर से मुलाकात हो, ताकि केंद्र सरकारों के बीच रिश्ते मजबूत होने के साथ-साथ राज्य-स्तर पर भी सीधा जुड़ाव बने। प्रवक्ता के मुताबिक, इस तरह के राज्य-स्तरीय संबंधों से आर्थिक एजेंडे, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में कार्यान्वयन को ज्यादा गति और तीव्रता मिलेगी।

आगे क्या

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है — 22 और 23 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल का दौरा ग्रेटर नोएडा और वाराणसी तक जारी रहेगा, जहां और सेक्टर-विशेष सत्र और संभावित नई घोषणाएं हो सकती हैं। कुल मिलाकर, यह आयोजन सिर्फ एक निवेश सम्मेलन भर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी की नींव रखने वाला मंच साबित हो रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले वर्षों में प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर दिखेगा।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
NDM
  • Website

Related Posts

UPMSCL: दवा में गड़बड़ी मिली, कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

September 24, 2026

महापौर और नगर आयुक्त की निधि 10-10 करोड़ बढ़ेगी, सुधारों पर जोर

September 24, 2026

यूपी में नई प्रणाली से होंगे वाहनों के चालान

September 24, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

© 2026 Newsdrift - All Right Reserved | Designed & Develoved By Aimsoftnet
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Refund Policy
  • Advertise with us
  • Contact us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.