हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की 26 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:45 बजे शामली के आर्यपुरी इलाके में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक अंकित जिम से निकलकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठने जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लगभग 18 राउंड फायरिंग करके उनकी हत्या कर दी।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
हत्या के पांच दिन बाद, 31 अगस्त की सुबह शामली पुलिस और STF ने दो संदिग्ध शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। इनकी पहचान सोनीपत (हरियाणा) निवासी सुमित पुत्र धर्मपाल और मोहित पुत्र महेश के रूप में हुई। दोनों पर 50-50 हज़ार रुपये का इनाम घोषित था और दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड था।
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या में चार शूटरों के शामिल होने की बात जांच में सामने आई थी और पुलिस इनका पीछा कर रही थी। बीती रात करीब साढ़े तीन बजे, बागपत नंबर की एक बाइक पर सवार दो युवकों को चेकिंग के दौरान रोका गया, जिन्होंने रुकने के बजाय फायरिंग कर भागने की कोशिश की। पूरे ज़िले में उस समय हाई अलर्ट और नाकाबंदी लागू थी, जिसकी वजह से दोनों को एक “डेड एंड” पर घेर लिया गया, जहां उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में स्वाट टीम के दो हेड कांस्टेबल — हरविंदर और प्रदीप — गोली लगने से घायल हुए।
घायल बदमाशों को जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया जा रहा था, तभी उन्होंने अपनी पहचान सुमित और मोहित के रूप में बताई थी।
मौके से बरामदगी: पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, 26 ज़िंदा और 15 खोखा कारतूस, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक बैग, मोबाइल फोन और 5,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब इन बरामद हथियारों और मोबाइल फोन को हत्याकांड से जोड़कर जांच कर रही है।
हत्या की वजह — पांच साल पुरानी गैंगवार
पुलिस के अनुसार अंकित बालियान की हत्या के पीछे एक गीत केंद्र में है — “भरी कोर्ट में गोली मारेंगे।” यह गीत 2021 में दिल्ली की रोहिणी अदालत में हुई जितेंद्र मान सिंह उर्फ “गोगी” की हत्या के बाद रिलीज़ हुआ था। इस गीत को लेकर गोगी गैंग और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच पिछले पांच वर्षों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि अंकित अपने गानों के ज़रिए इन गैंग्स को बदनाम कर रहा था, जिससे गैंग से जुड़े लोगों में नाराज़गी थी। इसी रंजिश के चलते गोगी गैंग ने कथित तौर पर अंकित की हत्या की सुपारी दी।
जांच में सामने आया कि राहुल उर्फ “भोलू शाहपुरिया” ने यह सुपारी दी थी। पुलिस 26-27 अगस्त को इंस्टाग्राम पर सामने आई उस पोस्ट की भी जांच कर रही है, जिसमें भोलू शाहपुरिया से जुड़े खाते ने हत्या की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया था।
शूटर हत्या से पहले 20 अगस्त की रात शामली के बस स्टैंड के पास एक होटल में रुके थे। उस होटल के सीसीटीवी फुटेज सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें बदमाश आते-जाते नज़र आ रहे हैं — उन्होंने वहां अपने आधार कार्ड जमा किए थे और भुगतान ऑनलाइन किया गया था।
डीजीपी का बयान — जांच अभी अधूरी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि इस हत्याकांड के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ शूटरों की पहचान और मुठभेड़ में उनकी मौत तक सीमित नहीं रहेगी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि:
- शूटरों को हथियार किसने मुहैया कराए
- रेकी (निगरानी) किसने की
- आरोपितों को ठहरने और भागने में किसने मदद की
- पूरी साजिश का असली सूत्रधार कौन है — चाहे वह यूपी में हो, किसी और राज्य में हो, या विदेश में
डीजीपी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली पुलिस के बीच बेहतर समन्वय को भी अहम बताया, क्योंकि आरोपियों और गैंग नेटवर्क के तार तीनों राज्यों से जुड़े हैं। अभी भी दो शूटर फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
परिवार की प्रतिक्रिया
एनकाउंटर के बाद अंकित के पिता सत्यवीर सिंह बालियान ने पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे संतुष्टि मिली है और “अच्छा काम हुआ है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी सिर्फ “आधा इंसाफ” मिला है, और बाकी बचे फरार आरोपियों को भी इसी तरह मार गिराया जाना चाहिए — यानी परिवार अब भी बचे हुए शूटरों और असली साज़िशकर्ताओं पर कार्रवाई का इंतज़ार कर रहा है।
