आटा, दाल और सब्जियों के बाद अब मसालों की बढ़ती कीमतों ने भी आम लोगों के रसोई बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने में लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा और इलायची समेत रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई मसालों के दाम बढ़े हैं। फुटकर बाजार में प्रमुख मसालों की कीमतों में करीब 10 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सुभाष मार्ग, थोक बाजार से लेकर निशातगंज, फतेहगंज, आलमबाग और खुदरा बाजारों तक मसालों के दाम में तेजी देखी जा रही है। कारोबारियों के अनुसार, सबसे अधिक असर इलायची और गरम मसालों की कीमतों पर पड़ा है। परिवहन लागत बढ़ने को भी कीमतों में तेजी की एक वजह बताया जा रहा है।
छोटी इलायची सबसे ज्यादा महंगी
पिछले एक महीने में छोटी इलायची की कीमत में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के मुताबिक इसकी कीमत करीब 4000 रुपये से बढ़कर 4400 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। बड़ी इलायची भी करीब 2400 से बढ़कर 2800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
जीरे के दाम में भी तेजी आई है। इसकी कीमत करीब 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। लाल मिर्च पाउडर 270 से बढ़कर 300 रुपये और धनिया पाउडर 280 से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
हल्दी, काली मिर्च और जावित्री के दाम भी बढ़े
हल्दी पाउडर की कीमत करीब 370 से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। काली मिर्च 750 से बढ़कर 800 रुपये और जावित्री की कीमत 2500 से बढ़कर करीब 3000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
गरम मसाला पाउडर की कीमत भी 700 से बढ़कर करीब 900 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। अजवाइन के दाम में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
परिवहन लागत का असर
कारोबारियों का कहना है कि मसालों की कीमतों में तेजी के पीछे परिवहन लागत में हुई बढ़ोतरी भी एक प्रमुख कारण है। बाहर से आने वाले मसालों की ढुलाई महंगी होने से थोक और फिर फुटकर बाजार में इसका असर दिखाई दे रहा है।
कारोबारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में आपूर्ति और परिवहन लागत की स्थिति के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव हो सकता है। बढ़ी कीमतों का सीधा असर घरेलू रसोई के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
