असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कामगारों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ने के लिए पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) एक नई डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ई-श्रम पोर्टल पर पहले से पंजीकृत कामगार अपने मोबाइल फोन के जरिए कुछ आसान चरणों में पेंशन खाता खोल सकेंगे। खाते में यूपीआई के माध्यम से छोटी-छोटी रकम जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों के लिए पेंशन की बचत को आसान बनाना है, जो संगठित क्षेत्र के बाहर काम करते हैं और जिनकी आय हर महीने एक जैसी नहीं होती। पीएफआरडीए ऐसी सरल डिजिटल व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहा है, जिससे सरकार के ई-श्रम आंकड़ों में पहले से पंजीकृत कामगारों की जानकारी का उपयोग किया जा सके।
मोबाइल से खुलेगा पेंशन खाता
नई व्यवस्था में कामगारों को पेंशन खाता खोलने के लिए जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन के माध्यम से कुछ आसान चरणों में खाता खोला जा सकेगा और यूपीआई से उसमें नियमित रूप से छोटी रकम जमा की जा सकेगी। इससे कम और अनियमित आय वाले कामगार भी अपनी क्षमता के अनुसार पेंशन के लिए बचत कर सकेंगे।
पीएफआरडीए पहले ही एनपीएस तत्काल जैसी डिजिटल व्यवस्था पर काम कर चुका है, जिसके जरिए यूपीआई सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह ई-श्रम से जुड़े कामगारों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ने के लिए डिजिटल माध्यम का विस्तार करने की तैयारी है।
आय के अनुसार बचत का विकल्प
असंगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे कामगार हैं जिनकी मासिक आय निश्चित नहीं होती। ऐसे में नियमित और बड़ी रकम जमा करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। प्रस्तावित सुविधा में छोटी रकम से पेंशन बचत शुरू करने का विकल्प इस वर्ग के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
पीएफआरडीए गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए गारंटीड रिटर्न वाली पेंशन योजना तैयार करने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई है, जो इस क्षेत्र के लिए ऐसी योजना लागू किए जाने की संभावनाओं और उसके स्वरूप पर सुझाव देगी।
एनपीएस से जोड़ने पर जोर
सरकार का लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के अधिक से अधिक कामगारों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में लाना है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। पीएफआरडीए ने 2025 में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों को एनपीएस से जोड़ने के लिए एनपीएस ई-श्रमिक (प्लेटफॉर्म सेवा भागीदार) मॉडल भी शुरू किया था।
इस पहल के पीछे बड़ा लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। पीएफआरडीए का अनुमान है कि 2026 के नियामकीय वर्ष तक करीब 60 करोड़ कामगारों वाले कार्यबल में एनपीएस की पहुंच बढ़ाने की दिशा में ऐसे डिजिटल माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पेंशन बचत को आसान बनाने की कोशिश
प्रस्तावित मोबाइल आधारित सुविधा से कामगार अपनी सुविधा और आय के अनुसार पेंशन खाते में रकम जमा कर सकेंगे। इससे पेंशन के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सरल और सुलभ विकल्प तैयार होने की उम्मीद है।
